तापमान के बढ़ने का असर अब कोरोना संक्रमण के प्रसार पर पड़ता दिख रहा है। लगातार चौथे दिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है और कोरोना के नए मामलों में कमी आने लगी है। स्थिति यह है कि मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते दिन 7,633 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 11 लोगों की मौत हुई है।
इससे पहले रविवार को 9,111 लोग संक्रमित मिले थे, जबकि 27 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, शनिवार को 10,093 और शुक्रवार को 10,753 नए केस मिले। सबसे ज्यादा 11 हजार से ज्यादा केस 13 अप्रैल को आए थे।
2021 और 2022 में चार अलग-अलग अध्ययन के जरिये भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिक कोरोना संक्रमण के प्रसार और तापमान में बढ़ोतरी के बीच संबंध पता कर चुके हैं। इनके मुताबिक, मौसम में नमी या कम तापमान संक्रमण प्रसार को बढ़ावा देने में सहायक है, जबकि तेज गर्मी या फिर लू प्रसार में कमी लाते हैं। हालांकि, अधिक तापमान या लू से अन्य तरह के स्वास्थ्य जोखिम भी होते हैं।
अनुमान अब लग रहा सही
बीते दिन सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 61, 233 तक पहुंची है, लेकिन मंत्रालय का कहना है कि दैनिक मामलों में कमी का एक अनुमान लगाया जा रहा था जो इस सप्ताह में देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे नए मरीजों की संख्या में कमी आएगी वैसे ही सक्रिय मामले भी कम होंगे, क्योंकि देश में रिकवरी दर अभी भी 98.68 फीसदी पर स्थिर है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना से जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 5,31,152 पहुंच गई है। वहीं, अब तक कुल 4.48 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।
प्रधान सचिव ने की अहम बैठक
इस बीच प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पीके मिश्रा ने कोरोना को लेकर स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उप जिला स्तर तक अस्पताल के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्परता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सलाह दी गई। इस दौरान राज्यों को सतर्कता बरतने और कोविड-19 स्थिति की नियमित रूप से जांच करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।