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राहत : कोविड टीकाकरण और हाइब्रिड इम्युनिटी के कारण लगातार घट रहे हैं संक्रमण के मामले

Wed, 24 Nov 2021 05:48 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

कई वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि, जो लोग स्वाभाविक रूप से कोविड से संक्रमित हो जाते हैं और टीकाकरण से पहले ठीक हो जाते हैं, उनमें हाइब्रिड इम्यूनिटी विकसित होती है, जो केवल टीकाकरण से बनने वाली इम्यूनिटी से बेहतर होती है।
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कोरोना की टेस्टिंग - फोटो : PTI
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विस्तार
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दिवाली के तीन सप्ताह बाद कोविड संक्रमण के मामलों में गिरावट बताती है कि भारत कोविड संक्रमण के सबसे बुरे दौर को बहुत पीछे छोड़कर आगे बढ़ चुका है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण के मामलों में गिरावट का श्रेय टीकाकरण अभियान व इस साल मार्च से जुलाई तक दूसरी लहर के दौरान वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों में पनपी हाइब्रिड इम्युनिटी को दिया जा सकता है।

हालांकि, देश के बड़े हिस्से में बढ़ती ठंड के साथ वायरस के नए संस्करण के संक्रमण की आशंका कभी खत्म नहीं हो सकती, लेकिन विनाशकारी तीसरी लहर की आशंका अब नजर नहीं आती है। सोनीपत में अशोक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गौतम मेनन कहते हैं,जब तक कि वायरस का कोई बेहद संक्रामक संस्करण न आए, पूरे देश में एक साथ संक्रमण बढ़ने की आशंका अब नहीं के बराबर है।
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यह है हाइब्रिड इम्युनिटी
मेनन ने बताया कि कई वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि, जो लोग स्वाभाविक रूप से कोविड से संक्रमित हो जाते हैं और टीकाकरण से पहले ठीक हो जाते हैं, उनमें हाइब्रिड इम्यूनिटी विकसित होती है, जो केवल टीकाकरण से बनने वाली इम्यूनिटी से बेहतर होती है। सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी, नई दिल्ली के निदेशक अनुराग अग्रवाल भी मेनन के साथ सहमति जताते हैं।

67.6% लोगों में एंटीबॉडी का हो चुका निर्माण

43% का पूर्ण टीकाकरण
भारत में अब संक्रमण की भयावह लहर आने की आशंका नहीं है। मामलों में  कमी से पता चलता है कि टीके अभी भी लोगों को संक्रमण से बचा रहे हैं। - डॉ. रणदीप गुलेरिया, निदेशक एम्स, नई दिल्ली

46 दिनों से लगातार 20 हजार से कम नए केस
बीते 46 दिनों से संक्रमण के नए मामले 20,000 से कम हैं। प्रोफेसर मेनन कहते हैं कि आंकड़े बताते हैं कि जहां, दूसरी लहर के दौरान  एक बड़ा हिस्सा संक्रमित था, आज हालात वैसे नहीं हैं।

खास इलाकों में संक्रमण बढ़ने की आशंका... 
इम्युनोलॉजिस्ट विनीता बल बताती हैं कि कम टीकाकरण व पिछले एक साल में संक्रमण की कम दर वाली जगहों पर केस बढ़ सकते हैं।  पूर्वोत्तर में संक्रमण बढ़ने का यही कारण है।

यूरोप-अमेरिका में केस बढ़ने से चिंता
पिछले एक महीने में यूरोप और उत्तरी अमेरिका में मामलों की बढ़ती संख्या भारत के लिए चिंता का विषय रही है। क्योंकि, पिछले दो वर्ष से भारत में यूरोप के बाद कोविड संक्रमण में वृद्धि देखने को मिली है।

भारत की दूसरी लहर यूरोप की तीसरी लहर के समान
चेन्नई में गणितीय विज्ञान संस्थान में भौतिकी के प्रोफेसर सीताभरा सिन्हा के अनुसार, भारत की ‘दूसरी लहर’ यूरोप की ‘तीसरी लहर’ के सादृश्य थी। तीसरी लहर सितंबर के मध्य में पहले ही आकर चली गई लगती है।
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7,579 नए संक्रमित

  • बीते 543 दिनों में सबसे कम अब-तक देश में कुल 3,45,26,480 लोग संक्रमित हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को, भारत में कोरोना के 7,579 नए मरीज मिले। यह बीते 543 दिनों में सबसे कम हैं। वहीं, सक्रिय मामले भी 536 दिनों में सबसे कम रहे।
  • पिछले एक दिन में 236 लोगों की संक्रमणसे मौत हुई है। 12202 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया।
  • सक्रिय मामले 0.33 फीसदी हैं। जबकि रिकवरी दर बढ़कर 98.32 फीसदी तक पहुंच गई है।
  • एक दिन में 9.64 लाख सैंपलों की जांच में 0.79% सैंपल संक्रमित मिले।
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