कोरोना कैपिटल बनी मुंबई में कुछ लोग कोरोना संक्रमित होकर ठीक भी हुए लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला। यह खुलासा एक निजी थायरोकेयर लैब में एंटीबॉडी टेस्ट में हुआ है। संभव है कि थायरोकेयर लैब के अलावा अन्य लैब की जांच में भी इस तरह की रिपोर्ट सामने आ सकती है। मुंबई में कुल 14 लैब में कोरोना की जांच हो रही है। इनमें कई निजी लैब भी शामिल हैं।
बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में कोरोना संक्रमण बढ़ा। सघन झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले जिन लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया और उनका उपचार हुआ लेकिन कुछ लोगों में लक्षण नहीं दिखे तो जांच भी नहीं हुई। इस दौरान झुग्गी बस्तियों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सका। संभव है कि ऐसे ही लोग संक्रमित हुए। लेकिन एम्युनिटी पॉवर मजबूत होने के कारण वे सभी स्वस्थ हो गए। जिनके शरीर में एंटीबॉडी तैयार हो चुकी है उनके कोरोना संक्रमित होने की संभावना कम रहती है।