वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मंत्रियों से बात करते पीएम नरेंद्र मोदी
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प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग में अपर सचिव वी श्रीनिवास ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना महामारी ने भारत के प्रशासन मॉडल को नए सिरे से परिभाषित किया है। कोरोना काल में ऑनलाइन बैठकें और सामाजिक दूरी न्यू नार्मल बन गए हैं।
एक वेबिनार में उन्होंने कहा कि भारत में घर से काम का अनुभव राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर पर सफल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, नौकरियों और यात्रा के लिए यह साल अभूतपूर्व है। कोरोना संकट ने देश के प्रशासन को नए सिरे परिभाषित करने का काम किया है। कोविड-19 में सरकारी प्रशासकों द्वारा नेतृत्व की अहमियत को पहचानना अहम है। इन सबका मुख्य ध्येय सारी परेशानियों के बाद भी लोगों की भलाई की प्रतिबद्धता रही है।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के साथ जीने का मतलब है कि प्रशासन से कम संपर्क, अधिकारियों का मास्क और ग्लव्स के साथ काम करना और कुल क्षमता के 66-75 फीसदी के घर से काम करने की नीति को अपनाना।
राजस्थान कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी श्रीनिवास ने कहा कि केंद्रीय सचिवालय में डिजिटल माध्यम से फैसले लेने पर बहुत जोर दिया गया। यह अनुभव सफल रहा है। 75 मंत्रालयों ने ई-ऑफिस को अपनाया, 57 मंत्रालयों ने ई-ऑफिस पर 80 फीसदी से अधिक काम किया। करीब 17 लाख ई-फाइल केंद्रीय सचिवालय में बनी। घर से काम करने की लंबी अवधि के दौरान वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल बैठकों से स्टाफ के लगातार संपर्क में रहे।