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कोरोना: 70 से 80 फीसदी लोगों में बनी एंटीबॉडी, विशेषज्ञ बोले- ओमिक्रॉन से भी करेगी बचाव, पर लापरवाही न बरतें

Sat, 11 Dec 2021 11:03 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, हैदराबाद

सार

देश में 70 से 80 फीसदी सीरो पॉजिटिविटी दर है। बड़े शहरों में तो 90 प्रतिशत लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबाडी बन चुकी है। 
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कोरोना का नया वैरिएंट खतरनाक - फोटो : self
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विस्तार
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कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर फैली दहशत के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि देश में उच्च सीरो पॉजिटिविटी दर से महामारी से बचाव मदद मिलेगी। देश में 70 से 80 फीसदी लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी है। इसलिए डरने की नहीं बल्कि टीकाकरण बढ़ाने और कोरोना से बचाव के अनुकूल नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत है। 

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वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के कोशिका एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) के पूर्व निदेशक राकेश मिश्र का कहना है कि देश में 70 से 80 फीसदी सीरो पॉजिटिविटी दर है। बड़े शहरों में तो 90 प्रतिशत लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबाडी बन चुकी है। इसके दम पर भारत कोरोना महामारी व उसके नए वैरिएंट से मजबूती से मुकाबला कर सकता है। 

नहीं दिखेंगे ओमिक्रॉन के लक्षण
वर्तमान में बेंगलुरु में टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक्स एंड सोसाइटी (tigs) के निदेशक बतौर कार्य कर रहे राकेश मिश्र ने कहा है कि लोग यदि ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित हुए भी तो यह बहुत हल्का होगा। ज्यादातर में तो लक्षण भी नजर नहीं आएंगे। 
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गंभीर बीमारी के संकेत नहीं, बगैर नए वैरिएंट के भी आ सकती है लहर
मिश्र ने कहा कि देश में टीकाकरण का दायरा और बढ़ता है और बच्चों को भी टीके लगना शुरू हुए तो यह और भी फायदेमंद होगा। देश में ओमिक्रॉन का फैलाव तो होगा, लेकिन  डेल्टा की तुलना में स्थिति बेहतर रहेगी क्योंकि ओमिक्रॉन से गंभीर संक्रमण के संकेत नहीं मिल रहे हैं। लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। किसी नए वैरिएंट के बगैर भी नई लहर आ सकती है।

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