कोरोना अब पूर्वोत्तर में तेजी से पैर पसार रहा है। इससे चिंता होने लगी है। मणिपुर के चंदेल जिले में तो मरीजों की संख्या तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है।
मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के 22 जिलों में कोरोना के मामले बढ़ने पर चिंता जताई थी। इनमें से 13 जिले पूर्वोत्तर राज्यों-मेघालय, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और असम के हैं। सात जिले केरल के तो दो महाराष्ट्र के हैं। मणिपुर का चंदेल जिला तो ऐसा है, जहां पिछले एक महीने में कोरोना के मामलों में 325 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि दर 28 जून से लेकर 27 जुलाई तक मात्र चार सप्ताह में देखी गई है।
चंदेल जिले में 28 जून से 4 जुलाई के बीच जहां 8 मामले दर्ज किए गए वहीं 19 जुलाई से 25 जुलाई तक 34 मामले सामने आ गए। यह आंकड़ा भले कम दिखता हो, लेकिन इनकी वृद्धि दर चिंताजनक है।
केरल में बढ़ रहे केस ने उड़ाई नींद
देशभर में वैसे तो कोरोना के नए मामले घट रहे हैं लेकिन केरल के कारण सरकार की नींद एक बार फिर उड़ गई है। मंगलवार को केरल में कोरोना के 22 हजार 129 नए मामले आए हैं। केरल में 25 जुलाई को 17,466 और 26 जुलाई को 11,586 मामले मिले थे। इससे पहले 29 मई को 23,513 लोग कोरोना संक्रमित हुए थे। पिछले 51 दिनों में पहली बार किसी राज्य में कोरोना के 20 हजार से ज्यादा मामले एक दिन में मिले हैं।
अभी जितने भी केस आ रहे हैं उसमें 25 से 30 फीसदी केस केरल से हैं। राज्य में जांच संक्रमण दर फिर से 12 फीसदी के पार हो गई है। जबकि पिछले सप्ताह यह 10 से 11 फीसदी के बीच थी। 15 जून के बाद से राज्य में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। राज्य की 3.5 करोड़ आबादी में से अब करीब 30 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि महाराष्ट्र के साथ-साथ केरल में इस वक्त देश में सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं।