उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में रहने वाले एक निवासी को भारतीय राजनयिक के घर से कथित तौर पर सूचना चुराकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी राजनयिक के घर में खाना बनाने का काम करता था। उसे पैसों के बदले सूचना देने की वजह से गिरफ्तार किया गया है।
35 साल के रमेश सिंह तो पिथौरागढ़ के गराली गांव से उत्तर प्रदेश पुलिस के एंटी टेरर स्कवॉयड, मिलिट्री इंटेलिजेंस और उत्तराखंड पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि सिंह भारतीय राजनयिक के घर काम करता था और उसने आईएसआई की मदद से उनके घर में माइक्रोफोन छुपाकर रखा था। इसके जरिए वह संवेदनशील सूचनाओं को पाकिस्तानी एजेंसी को भेजता था। आरोपी का बड़ा भाई
भारतीय सेना में काम करता है।
बुधवार को आरोपी को पिथौरागढ़ कोर्ट में पेश किया गया था। जिसके बाद उसे ट्रांसिट रिमांड में लखनऊ भेज दिया गया है। यूपी एटीएस आईजी आसिम अरुण ने बताया कि उत्तराखंड के डीजीपी ने इस ऑपरेशन में कुछ महीने पहले उनकी मदद की थी और फिर सैन्य खुफिया निदेशालय को भी इसमें शामिल किया गया। सूत्रों का कहना है कि सिंह खेतों में काम किया करता था तभी एक रिश्तेदार ने उसे पाकिस्तान में
खाना बनाने का काम करने की नौकरी दिलाने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद वह भारतीय रक्षा संलग्नक के घर में 2015 के मध्य से लेकर सितंबर 2017 तक घरेलू मदद का किया करता था।
सिंह पाकिस्तान में काम करने के दौरान आईएसआई के संपर्क में आया जिसने उसे राजनयिक के घर से महत्वपूर्ण सूचनाओं के बदले पैसों का ऑफर दिया। सूत्र का कहना है कि सिंह ने राजनयिक की डायरी के साथ ही कुछ दस्तावेज आईएसआई के साथ साझा किए थे। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि उसे सूचना के बदले कितने पैसे दिए गए थे।