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विवाद : कुतुब मीनार में उल्टे और पिंजरे में बंद भगवान गणेश, तरुण विजय ने एएसआई के महानिदेशक को लिखा पत्र  

Fri, 08 Apr 2022 06:06 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

तरुण विजय ने दावा किया कि कुतुब मीनार परिसर के मेहराब पर लिखी पट्टिका में कुतुबुद्दीन एबक द्वारा मंदिर तोड़े जाने का जिक्र है। इसमें लिखा है कि जामी मस्जिद के निर्माण में 27 मंदिरों की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने फारसी में लिखी पट्टिका का अंग्रेजी अनुवाद भी लगाने की मांग की।
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Qutub Minar - फोटो : is
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) के अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने कुतुब मीनार परिसर में एक जगह भगवान गणेश की उल्टी प्रतिमा और एक जगह उनकी प्रतिमा को पिंजरे में बंद कर हिंदू भावनाओं को अपमानित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक को पत्र लिख कर इन प्रतिमाओं को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखवाने की मांग की है।

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बीते 25 मार्च को लिखे पत्र में एमएमए के अध्यक्ष ने कहा है कि अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान उन्हें बुद्धिजीवियों, प्रतिनिधिमंडलों से जूते उतारने की जगह गणेश की उल्टी प्रतिमा रखने और एक जगह पर पिंजरे में बंद रखने की शिकायत मिली। इसे भारत के संविधान की समानता और न्याय की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए उन्होंने लिखा कि इन प्रतिमाओं को सम्मान के साथ राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा जा सकता है। पत्र के साथ उन्होंने दोनों प्रतिमाओं की फोटो भी एएसआई के महानिदेशक को भेजी है।

तरुण विजय ने दावा किया कि कुतुब मीनार परिसर के मेहराब पर लिखी पट्टिका में कुतुबुद्दीन एबक द्वारा मंदिर तोड़े जाने का जिक्र है। इसमें लिखा है कि जामी मस्जिद के निर्माण में 27 मंदिरों की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने फारसी में लिखी पट्टिका का अंग्रेजी अनुवाद भी लगाने की मांग की।
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उपनिवेशवादी मानसिकता के खिलाफ जंग
पत्र लिखने की पुष्टि करते हुए तरुण विजय ने अमर उजाला से कहा कि कुतुब मीनार परिसर स्थित कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद की दक्षिण की ओर की दीवार पर गणेश और नाग देवता की प्रतिमा उल्टी लगाई गई है। इसी प्रकार इसी दीवार पर लोहे की प्रतिमा पिंजरे में बंद हैं, जहां पर्यटक अपने जूते उतारते हैं।

उन्होंने कहा कि एनएमए के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने उपनिवेशवादी मानसिकता के विरुद्ध शुरू हुए अभियान को आगे बढ़ाया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का पुनरुद्धार और सुहेलदेव की प्रतिमा स्थापित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जंग का आगाज किया है।

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