तीन दिन पहले अगवा कर बंधक बनाए गए युवक को छुड़ाने और आरोपी को पकड़ने गए पुलिस कर्मी को विधायक की कोठी पर पीटा गया। हालांकि, सीओ ने पुलिस फोर्स के साथ बंधक युवक और आरोपी को पकड़ लिया। कांस्टेबल ने विधायक व उनके साथियों पर भी मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने तीन दिन बाद पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, कांस्टेबल की तहरीर पर कार्रवाई की जानकारी देने से बच रहे हैं। वहीं, सपा के ही एक पूर्व मंत्री अजित कुमार राजू ने थाने पहुंचकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की।
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बदायूं जिले के जरीफनगर थाना क्षेत्र के लोहरपुर गांव निवासी भारत सिंह यादव के पच्चीस वर्षीय पुत्र सतीश यादव 19 सितंबर को अपनी बहन के घर दिल्ली जा रहा था। अपने गांव से टैंपों से आया और गुन्नौर चौराहे पर उतरा। यहां पहले से ही गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के बहलोलपुर गांव निवासी बासुदेव पुत्र रमेश सिंह अपने चार अन्य साथियों के साथ खड़ा था। आरोप है कि बासुदेव व उसके साथियों ने सतीश यादव को अगवा कर लिया। फोन पर अपहृत के परिजनों से पचास हजार रुपये की मांग की।
हालांकि यह भी बताया गया कि सतीश यादव ने बासुदेव से उसके भाई की शादी कराने के लिए तीस हजार रुपये लिए थे, जिन्हें अब वह वापस मांग रहा था। रकम देने में सतीश यादव टालमटोल कर रहा था। आरोप है कि सतीश यादव के पिता ने गुन्नौर कोतवाली पुलिस को तहरीर दे दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तीन दिन तक सतीश को बंधक बनाकर रखा गया। गुरुवार को जब सतीश के पिता रुपये देने को तैयार हो गए तो आरोपी बासुदेव ने कहा कि रुपये लेकर विधायक राम खिलाड़ी यादव की बबराला कोठी पर आ जाओ।
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पीड़ित ने यह सूचना बबराला पुलिस चौकी को दे दी, तो चौकी प्रभारी जयदेव सिंह यादव ने कांस्टेबल सतेंद्र सिंह यादव व महबूब को विधायक की कोठी पर भेज दिया। कांस्टेबल सतेंद्र यादव के मुताबिक सतीश और आरोपी बासुदेव दोनों उन्होंने पकड़ने की कोशिश की तो बासुदेव कोठी के अंदर भागा। इसी बीच विधायक और उनके कई साथी भी आ गए।
पुलिस जांच के बाद कार्रवाई की बात कर रही है
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कांस्टेबलों पर बिना सर्च वारंट या किसी सक्षम आदेश के घर में घुसने पर एतराज जताया। उसके साथ मारपीट कर दी। कांस्टेबल महबूब की सूचना पर सीओ सुरेश बाबू यादव, कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह यादव, चौकी प्रभारी जयदेव यादव पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। आरोपी बासुदेव व अपहृत सतीश यादव को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आए।
कांस्टेबल सतेंद्र यादव ने पुलिस को तहरीर दे दी है, इसमें विधायक राम खिलाड़ी यादव, उनके पीए पप्पू, बिजेंद्र, सत्यवीर व एक अधिवक्ता समेत दर्जनभर से अधिक लोगों पर मारपीट कर अपहरण के आरोपी को छुड़ाने, रिपोर्ट लिखाने पर नौकरी से बर्खास्त कराने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
इधर, पुलिस ने देररात तक कांस्टेबल की तहरीर पर तो रिपोर्ट नहीं लिखी थी लेकिन भारत सिंह की तहरीर पर उसके पुत्र सतीश यादव का अपहरण करने के आरोप में बहलोलपुर के बासुदेव पुत्र रमेश, सुखपाल पुत्र जगपाल, किशोर पुत्र उरमान, वीरेश पुत्र राम रहीस तथा मेहुआ हसनगंज निवासी वीरेश पुत्र सोहन लाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इसी बीच पूर्व मंत्री अजित कुमार राजू अपने समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचकर कांस्टेबल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। हालांकि पुलिस जांच के बाद कार्रवाई की बात कर रही है।
-मैं तो घर पर था ही नहीं, मुझे जानकारी भी नहीं थी कि मामला क्या है। जब मैं कोठी पर पहुंचा तो भीड़ लगी थी, मामले की जानकारी लेने की कोशिश कर रहा था। तभी देखा कि कांस्टेबल घर के अंदर घुस गया तो वहां मौजूद समर्थकों ने एतराज जताया। पुलिस कर्मियों से किसी तरह की कोई मारपीट या अभद्रता नहीं हुई। मामला अपहरण नहीं बल्कि आपसी लेनदेन का था, शायद उसकी फैसला कराने ही यहां आया होगा। राजनीतिक विरोधी इस मामले तूल देने में लगे हैं।
-राम खिलाड़ी सिंह यादव, सपा विधायक गुन्नौर
कोतवाली प्रभारी गुन्नौर को निर्देशित किया गया है कि जो भी तहरीर दी गई हैं, उन पर रिपोर्ट दर्ज कर लें। तफ्तीश में जो सही पाया जाएगा तो उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कांस्टेबल के साथ मारपीट की जानकारी नहीं है। यदि वह भी तहरीर देगा तो तफ्तीश कर कार्रवाई होगी। -सभाराज यादव पुलिस अधीक्षक संभल
-विधायक तो कोठी पर थे ही नहीं, वह तो मेरे साथ क्षेत्र के अमरोहा में तैनात कांस्टेबल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने गए थे। बाद में आए होंगे तो क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं। सूचना मिलने पर मैं मौके पर गया तो विधायक ने ही आरोपी व सतीश को उन्हें सौंप दिया। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। -सुरेश बाबू यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी गुन्नौर
-पहले तो पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट नहीं लिखी, जब अपहृत व आरोपी दोनों के विधायक की कोठी पर होने की जानकारी पर दो कांस्टेबल गए तो उनके साथ मारपीट कर उन्हें बंधक बना लिया गया। उन्हें सीओ आदि के मौके पर जाने पर छुड़ाया गया। कांस्टेबल ने तहरीर दे दी लेकिन विधायक के दबाव में उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है। कांस्टेबल को धमकाकर तहरीर वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। -अजित कुमार राजू पूर्व मंत्री सपा
मामला अपहरण का नहीं है। दरअसल सतीश ने बासुदेव से भाई की शादी कराने के लिए 30 हजार रुपये ले लिए थे। इसके बाद न शादी कराई और न ही रुपये वापस किए। रुपये वापस लेने के लिए सतीश को रोक लिया, यह जानकारी नहीं थी कि यह अपराध की श्रेणी में आ जाएगा। जांच के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -राजवीर सिंह यादव कोतवाली प्रभारी गुन्नौर