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कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक: अब परिवारवाद के आरोपों से भी पीछा छुड़ाना चाहती है कांग्रेस, समिति ने एआईसीसी, पीसीसी पदाधिकारियों को तीन साल आराम देने का सुझाव दिया

Tue, 10 May 2022 02:54 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस के 'चिंतन शिविर' से पहले पार्टी के संगठनात्मक मामलों से संबंधित कार्य समूह ने सुझाव दिया है कि अधिकतम पांच साल के कार्यकाल के बाद अखिल भारतीय और राज्य इकाइयों के पदाधिकारियों को आराम दिया जाना चाहिये।
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सोनिया गांधी। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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चिंतन शिविर के बहाने कांग्रेस के नट बोल्ट कसने के साथ ही पार्टी परिवारवाद के आरोपों से भी पीछा छुड़ाना चाहती है। विभिन्न विषयों पर लोगों की राय जुटाने के लिए बनाए गए समूहों के संयोजकों के साथ सीडब्लूसी से पहले हुई कांग्रेस अध्यक्ष की बैठक में एक व्यक्ति एक पद और एक परिवार एक टिकट के फार्मूले का कड़ाई से पालन करने की बात उठाई गई।

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समूह के सदस्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात में कुछ सुझाव भी दिए हैं। कांग्रेस पार्टी की कमेटियों में 50 फीसदी स्थान एससी-एसटी और ओबीसी नेताओं को दी जाने की मांग की गई है। इस बैठक में अंबिका सोनी, सलमान खुर्शीद, केसी वेणुगोपाल, मलिकार्जुन खरगे आदि शामिल रहे। 

कांग्रेस के 'चिंतन शिविर' से पहले पार्टी के संगठनात्मक मामलों से संबंधित कार्य समूह ने सुझाव दिया है कि अधिकतम पांच साल के कार्यकाल के बाद अखिल भारतीय और राज्य इकाइयों के पदाधिकारियों को आराम दिया जाना चाहिये। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाले कार्यकारी समूह ने 'एक व्यक्ति, एक पद' के फार्मूले को अपनाने सहित संगठन में बदलाव के लिए कई सिफारिशें की हैं। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने सोमवार को अपनी बैठक में सिफारिशों पर चर्चा की। इन सिफारिशों पर पार्टी के नेता 13 से 15 मई तक राजस्थान के उदयपुर में होने वाले 'चिंतन शिविर' में विचार करेंगे और अंतिम फैसला लेंगे।

समिति ने सुझाव दिया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के सभी पदाधिकारियों का अधिकतम कार्यकाल पांच साल का होना चाहिए, इसके बाद उन्हें तीन साल का आराम दिया जाना चाहिए।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में कृषि से संबंधित एक अन्य कार्य समूह ने सभी फसलों के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के लिए कानूनी गारंटी और निर्धारित दर से कम दाम पर फसल खरीदने वाले के लिए दंडनीय प्रावधान का सुझाव दिया। समिति ने सुझाव दिया है कि फसलों का एमएसपी स्वामीनाथन समिति के 'सी-2 फॉर्मूले' के अनुसार तय किया जाए।





समिति ने यह भी कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। समिति ने किसानों के साथ परामर्श के बाद आयात शुल्क तय करने का आह्वान किया है। पार्टी ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों के कल्याण, युवा मामलों, कृषि, संगठनात्मक मामलों, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने व सिफारिशें देने के लिए छह अलग-अलग समूहों का गठन किया है।

पार्टी का कर्ज उतारने का समय आ गया है: सोनिया गांधी
कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में हुई। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि अब पार्टी का कर्ज उतारने का समय आ गया है। ऐसे में उन्हें किसी स्वार्थ के बिना और अनुशासन के साथ काम करना होगा। पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए जादू की कोई छड़ी नहीं है। हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा।


सीडब्ल्यूसी की बैठक में उन्होंने कहा कि 13-15 मई को उदयपुर में होने वाला ‘नवसंकल्प चिंतन शिविर’ रस्म अदायगी भर नहीं होना चाहिए। इसमें पार्टी के पुनर्गठन की झलक दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस शिविर में करीब 400 लोग शामिल हो रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर संगठन में किसी ने किसी पद पर हैं या फिर संगठन अथवा सरकार में पदों पर रह चुके हैं। हमनें प्रयास किया है कि इस शिविर में संतुलित प्रतिनिधित्व हो, हर पहलू से संतुलन हो।

सोनिया गांधी ने कहा कि राजनीति, सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण, अर्थव्यवस्था, संगठन, किसान एवं कृषि तथा युवा एवं सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों पर छह समूहों में चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा हम सबका भला किया है। अब समय आ गया है कि कर्ज को पूरी तरह चुकाया जाए।

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के सी वेणुगोपाल, अजय माकन और अशोक गहलोत ने बुधवार को चिंतन शिविर की तैयारियों का जायजा लिया था। चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के सुझावों पर विचार करने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस ने घोषणा की थी कि अगले लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के मकसद से एक ‘विशेषाधिकार प्राप्त कार्य समूह- 2024’ का गठन किया जाएगा।

किशोर ने बाद में पार्टी में शामिल होने और पार्टी की चुनावी रणनीति तैयार करने के कांग्रेस के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। कांग्रेस ने इस साल के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों के अलावा 2023 में अन्य राज्यों के चुनाव और 2024 में लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

9 साल बाद राजस्थान में चिंतन शिविर
कांग्रेस लगभग हर दस साल में चिंतन शिविर के जरिये आत्मचिंतन और भविष्य के रोडमैप को लेकर मंथन करती है। 1998 में पचमढ़ी से इस तरह के शिविर का सिलसिला शुरू हुआ था। 2003 में शिमला में शिविर हुआ। राजस्थान में दूसरी बार चिंतन शिविर होने जा रहा है। 2013 में जयपुर के बाद इस बार उदयपुर में 13 से 15 मई तक चिंतन शिविर हो रहा है।

राहुल समेत कांग्रेस के अन्य नेता ट्रेन से उदयपुर जाएंगे
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कई अन्य नेताओं के साथ पार्टी के तीन दिवसीय मंथन सत्र 'चिंतन शिविर' में शामिल होने के लिए राजस्थान के उदयपुर के लिए ट्रेन से यात्रा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने एक ट्रेन की दो बोगियां बुक की हैं क्योंकि पार्टी के कई नेता राहुल गांधी के साथ 13 मई से 15 मई तक सत्र में शामिल होने के लिए यात्रा करेंगे। राहुल ने सोमवार शाम यहां एआईसीसी मुख्यालय में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में ट्रेन से उदयपुर जाने की अपनी योजना की घोषणा की। सूत्रों ने कहा कि जयराम रमेश और विवेक बंसल जैसे दिग्गजों सहित कांग्रेस के 50 से अधिक नेता ट्रेन से उदयपुर की यात्रा करेंगे। ट्रेन से यात्रा करने की योजना राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा ट्रेन से कानपुर की यात्रा के कुछ दिनों बाद आई है।

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