फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार की घेराबंदी: तेल की बढ़ती कीमतों को कांग्रेस बनाएगी चुनावी मुद्दा, प्रियंका के तीखे तेवर

Mon, 28 Jun 2021 08:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रियंका गांधी के अनुसार सात साल में सरकार ने पेट्रोल डीजल से 22 लाख करोड़ रुपये टैक्स वसूला। आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी इसे बड़ा मुद्दा बनाएगी।
 
विज्ञापन
प्रियंका गांधी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कांग्रेस ने अब सरकार को घेरना शुरू किया है। कांग्रेस की योजना है कि पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों में तेल की बेहताशा कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा जाए। इसकी पूरी भूमिका बनने लगी है। 

विज्ञापन


पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने कई बिंदुओं पर केंद्र सरकार से सवाल किए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बढ़ती हुई पेट्रोल और डीजल की कीमतें लोगों की कमर तोड़ रही है। इसलिए इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर सवाल तो पूछना ही चाहिए।

आगामी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार न सिर्फ कोरोना बल्कि देश में बढ़ती हुई महंगाई और खास तौर पर डीजल और पेट्रोल की कीमतों पर लगाम लगाने में फेल रही है। बीते कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की बढ़ रहीं कीमतें निश्चित तौर पर लोगों को परेशान कर रही हैं। 
विज्ञापन


कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। कई राज्यों में तो पेट्रोल 100 रुपये लीटर से भी ज्यादा महंगा बिक रहा है।

सभी राज्यों में होंगे विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस ने बढ़े हुए डीजल और पेट्रोल की कीमतों का विरोध करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारियां की हैं। खासतौर से जिन राज्यों में चुनाव होना है और भाजपा शासित सरकारें हैं वहां पर इसके विरोध करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सूचित किया जा चुका है। सभी राज्यों के प्रदेश कार्यकारिणी ने जिला तहसील ब्लाक और छोटे शहरों से लेकर गांव स्तर तक पर अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से पेट्रोल और डीजल के विरोध के लिए न सिर्फ सोशल मीडिया बल्कि जहां पर आवश्यक हो वहां पर सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए विरोध करने के लिए कहा गया है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पवन बंसल कहते हैं कि केंद्र सरकार बढ़ी हुई डीजल और पेट्रोल की कीमतों को रोकने में नाकाम रही है।

प्रियंका ने केंद्र से पूछा-आखिर क्यों नहीं रोक पा रहे बढ़ती कीमतें
केंद्र सरकार को घेरते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा 2013 में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 101 डॉलर प्रति बैरल था तब पेट्रोल की कीमत 66 रुपये और डीजल 51 रुपये में मिलता था। क्योंकि कांग्रेस की सरकार उस वक्त पेट्रोल पर 9 रुपये और डीजल पर मात्र 3 रुपये लीटर टैक्स लेती थी। जबकि केंद्र सरकार इस वक्त एक लीटर पेट्रोल पर 33 रुपए और डीजल पर 32 रुपये टैक्स वसूल रही है। प्रियंका गांधी ने कहा यह आम आदमी की जेब पर डाका नहीं तो और क्या है। 

प्रियंका गांधी ने कहा अप्रैल 2020 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमतें 19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, फिर भी भाजपा सरकार ने देश के लोगों को इसका कोई फायदा नहीं होने दिया। आज हालात यह हैं कि देश के तकरीबन 150 जिलों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से भी ज्यादा तक पहुंच गई है। केंद्र को इस बात का जवाब देना ही होगा कि वह बढ़ती तेल कीमतों से लोगों को रियायत क्यों नहीं दे पा रही है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें