बिहार के कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति को स्पष्ट करने की जरूरत है। उन्हें तय करना होगा कि वे गठबंधन की राजनीति करेंगे या अकेले चलेंगे। उन्होंने लिखा कि साथ ही, पार्टी के संगठन में मूलभूत परिवर्तन करना भी जरूरी हो गया है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार हार झेल रही कांग्रेस के भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद तारिक अनवर ने कहा कि जमीनी स्तर की सबसे पुरानी पार्टी को अब स्पष्ट करना चाहिए कि वह गठबंधन की राजनीति करेगी या अकेले चलेगी। उन्होंने संगठन में बदलाव करने का भी मुद्दा उठाया।
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बिहार के कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति को स्पष्ट करने की जरूरत है। उन्हें तय करना होगा कि वे गठबंधन की राजनीति करेंगे या अकेले चलेंगे। उन्होंने लिखा कि साथ ही, पार्टी के संगठन में मूलभूत परिवर्तन करना भी जरूरी हो गया है।
ऐसा रहा दिल्ली विधानसभा चुनाव का नतीजा
दिल्ली में पांच फरवरी को मतदान के बाद आठ फरवरी को आए नतीजों में भाजपा ने बाजी मारते हुए 70 विधानसभा सीटों में 48 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके साथ ही भाजपा ने केंद्र शासित प्रदेश में 26 साल सत्ता का सुख फिर से हासिल किया है। वहीं सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी को पिछले चुनाव के मुकाबले बड़ा झटका लगा है, जिसमें आप को 70 में से मात्र 22 सीटों पर जीत मिल सकी और सत्ता से बाहर होना पड़ा है।
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जबकि कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन पिछले दो विधानसभा चुनाव की तरह ही रहा, उसे किसी भी सीट पर जीत नहीं मिली। इसके साथ दिल्ली के तीन विधानसभा चुनाव में लगातार शून्य सीट के साथ कांग्रेस ने अनचाहा हैट्रिक रिकॉर्ड बनाया है।
इंडिया गठबंधन को लेकर कांग्रेस ने दिया जवाब
आप और कांग्रेस के एक साथ दिल्ली चुनाव लड़ने और इंडिया गठबंधन को दरकिनार करने को लेकर उठे सवालों पर कांग्रेस ने कहा था कि विपक्षी इंडिया गठबंधन केवल 2024 के आम चुनावों के लिए बना था। वहीं कांग्रेस ने कहा था कि उसने मिलकर चुनाव लड़ने की पहल की थी, मगर आप ने पर्याप्त सीटें देने सेे मना कर दिया था। आप उसे केवल 10 सीटें दे रही थी, जबकि कांग्रेस कम से कम 15 सीटें मांग रही थी। कांग्रेस का मानना था कि अगर दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा को हराने के लिए एक मजबूत मोर्चा बन सकता है।