Maharashtra: महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने दावा किया कि राज्य के कई होटलों में दूध से नहीं बल्कि वनस्पति तेल से पनीर बनाया जाता है। उन्होंने केंद्र से इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
महाराष्ट्र के जल संसाधान मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य के कई होटलों में जो पनीर परोसा जाता है, वह दूध से नहीं बल्कि वनस्पति तेल से बनाया जाता है। विखे पाटिल ने कहा कि इसे रोकने के लिए केंद्र को कदम उठाने चाहिए, ताकि असली दूध से ही बने पनीर की बिक्री हो और दूध उत्पादकों को इसका फायदा हो।
विज्ञापन
विखे पाटिल ने कहा, कुछ साल पहले केंद्र सरकार ने वनस्पति तेल से पनीर बनाने की अनुमति दी थी। इसलिए होटलों में जो पनीर मिलता है, वह आमतौर पर वनस्पति तेल से बना होता है, दूध से नहीं। हालांकि, कुछ जगहों पर दूध से बना पनीर मिल सकता है।
'मिलावटी पनीर पर प्रतिबंध लगाए केंद्र'
उन्होंने कहा कि वह इस मिलावटी पनीर के उत्पादन पर रोक लगाने के लिए पहले भी कई प्रयास कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की केंद्र इस पर प्रतिबंध लगाएगा। मंत्री ने कहा, अगर ऐसा फैसला लिया जाता है, तो पनीर उत्पादन के लिए 40 लाख लीटर दूथ का उपयोग किया जा सकेगा।
विज्ञापन
'देसी गायों के पालन को बढ़ावा दे रही सरकार'
मंत्री ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र सरकार देसी गायों के पालन को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया था कि राज्य सरकार प्रति गाय 50 रुपये दैनिक खर्च करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से दूध उत्पादन और इसके उपयोग को बढ़ाने के विभिन्न तरीकों पर काम किया जा चाहिए।