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MEA: इंडोनेशिया की जेल में बंद भारतीय मछुआरे, कांग्रेस का सरकार से आग्रह- रिहाई के लिए तत्काल उठाएं कदम

Thu, 17 Nov 2022 06:56 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तमिलनाडु और केरल के आठ मछुआरे 17 फरवरी को अंडमान से मछली पकड़ने के लिए रवाना हुए थे। 7 मार्च को इंडोनेशियाई अधिकारियों ने नाव को जब्त कर लिया था और मछुआरों को समुद्री सीमा पार करने के आरोप में हिरासत मे ले लिया।
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jail, jail demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कांग्रेस ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह इंडोनेशिया के जेलों में बंद तीन भारतीय मछुआरों की रिहाई के लिए तुरंत हस्तक्षेप करे। 

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अखिल भारतीय मछुआरा कांग्रेस (एआईएफसी) के प्रमुख एस. आर्मस्ट्रांग फर्नांडो ने विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव विश्वास सपकाल से मुलाकात की और अपनी चिंताओं को साझा करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। 

ज्ञापन में कहा गया है कि तमिलनाडु और केरल के आठ मछुआरे 17 फरवरी को अंडमान से मछली पकड़ने के लिए रवाना हुए थे। 7 मार्च को इंडोनेशियाई अधिकारियों ने नाव को जब्त कर लिया था और मछुआरों को समुद्री सीमा पार करने के आरोप में हिरासत मे ले लिया। 
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इन आठ में से चार मछुआरों को 28 अप्रैल को रिहा कर दिया गया था। लेकिन चार वहीं शेष थे। इन चार मछुआरों में से एक जेसीन दास की हिरासत में कथित गंभीर यातना के कारण मौत हो गई थी। 

फर्नांडो ने विदेश मंत्रालय से बिना किसी देरी के शेष तीन भारतीय मछुआरों की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने और उनकी वापसी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। 

म्यांमार में फर्जी जॉब रैकेट के चंगुल में फंसे 38 और भारतीय छुड़ाए, लौटे स्वदेश
म्यांमार से बृहस्पतिवार को 38 और भारतीय युवाओं को फर्जी जॉब रैकेट से छुड़ाया गया। म्यांमार स्थित भारतीय दूतावास ने ट्विटर हैंडल के जरिये जानकारी दी कि म्यांमार के म्यावाड़ी इलाके में फंसे 38 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बचाए गए सभी लोगों को कोलकाता पहुंच गए हैं, जहां से सभी अपने गंतव्य के लिए चले जाएंगे। 

दूतावास ने लिखा कि हम म्यांमार के अधिकारियों और अन्य संपर्कों द्वारा प्रदान की गई सहायता की सराहना करते हैं,  जबकि हम शेष भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए अपने प्रयासों को जारी रखेंगे। हम अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट द्वारा नौकरी की पेशकश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दोहराते हैं। अब तक कुल 160 भारतीय लोगों को फर्जी जॉब रैकेट के चंगुल से बचाया जा चुका है। 

बता दें कि नौकरी देने के नाम पर पीड़ितों को अवैध रूप से म्यांमार में ले जाया गया था जहां उन्हें कठोर परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। पहले भी म्यांमार से वापस आए कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें हथकड़ी लगा कर कई दिनों तक रखा गया और मारा पीटा भी गया। विदेश मंत्रालय पहले भी भारतीय नागरिकों को सलाह दे चुका है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अन्य स्रोतों के माध्यम से जारी किए जा रहे ऐसे फर्जी नौकरी प्रस्तावों में न फंसें।

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