पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस और सीपीएम ने हाथ मिला लिया है। दोनों ही पार्टियां मिलकर आगामी पंचायत चुनाव लड़ेंगी। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी के साथ गठबंधन में राज्य में आगामी पंचायत चुनाव लड़ेगी।
चौधरी ने कहा, उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आठ जुलाई को होने वाले चुनाव लड़ने में माकपा को पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है। हम मिल कर चुनाव लड़ेंगें। उल्लेखनीय है कि माकपा नीत वाम मोर्चा और कांग्रेस ने इस साल की शुरुआत में त्रिपुरा चुनाव के अलावा पश्चिम बंगाल में 2016 और 2021 का विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था।
उन्होंने कहा, दीदी (ममता बनर्जी) को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल करना चाहिए, जिसमें घोषणा करना चाहिए कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराएंगी। हम चुनाव से बचने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, लेकिन चाहते हैं कि यह शांतिपूर्ण तरीके से हो। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, अगर आप डरी हुई नहीं हैं और पंचायत चुनाव कराने के इच्छुक हैं तो केंद्रीय बलों की तैनाती की अनुमति देने में आनाकानी क्यों कर रही हैं?
कुर्मी संगठन भी लड़ेंगे पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव
इस बीच, कुर्मी समुदाय के संगठनों ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे पश्चिम बंगाल में आगामी पंचायत चुनाव में उम्मीदवार उतारेंगे। कुर्मी संगठनों की मूल संस्था घाघर घेरा केंद्रीय समिति ने कहा कि वह जंगलमहल क्षेत्र के जिलों में उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी।
उसके नेता अशोक महतो ने कहा कि हमने अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में चुनाव लड़ने और एसटी दर्जे की अपनी मांग को मजबूत करने का फैसला किया है।
SEC कर सकता है बंगाल पंचायत चुनावों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाने पर विचार
राज्य चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा कि वह आठ जुलाई को होने वाले बंगाल पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने पर विचार कर सकता है। राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से पहले पहले कानूनी राय ली जाएगी।
राजीव सिन्हा ने कहा कि हम स्थिति की समीक्षा करने जा रहे हैं और तारीख बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि कानूनी राय के मुताबिक ही ऐसा किया जाएगा। इससे पहले दिन में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आयोग को विपक्षी राजनेताओं द्वारा तिथि बढ़ाने के लिए याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।