कांग्रेस ने आरसीईपी समझौते का विरोध करने का फैसला किया है। अगले महीने बैंकाक में भारत के इस समझौते पर हस्ताक्षर करने की संभावना है। कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा करना आत्मघाती होगा क्योंकि इससे चीन से आयात बढ़ेगा। अभी ऐसा करना देश हित में नहीं होगा। वरिष्ठ नेता एके एंटनी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और रणदीप सुरजेवाला ने 18 सदस्यीय समूह की बैठक के बाद कहा, कांग्रेस पार्टी पूरे देश में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। इसमें अन्य दलों को भी साथ लिया जाएगा।
पार्टी प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता के प्रति संवेदनशील रही है। हम इस समझौते का पुरजोर विरोध करेंगे क्योंकि इस समय देश आर्थिक संकट और सुस्ती से जूझ रहा है। इस समझौते का भारतीय अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर पर असर पड़ेगा। कृषि, रोजगार, उद्योग व व्यापार सेक्टर में दिन ब दिन संकट बढ़ रहा है। यह समय है कि सरकार जिम्मेदारी से काम ले। एंटनी ने कहा कि सरकार का
कर्तव्य है कि वह अपने सभी संसाधनों पर विशेष जोर दे और अर्थव्यवस्था में तेजी लाने को ठोस कदम उठाए।