हरियाणा में सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है। यहां भाजपा-जजपा मिलकर सरकार बनाएंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दुष्यंत चौटाला के साथ मुलाकात के बाद इसका एलान किया। कल राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। हालांकि, डिप्टी सीएम कौन होगा अभी इसका एलान नहीं हुआ है। चर्चा दुष्यंत चौटाला के नाम की ही हो रही है।
शाह ने संवाददाताओं से कहा कि हरियाणा में मतदाताओं के जनादेश के साथ जाते हुए दोनों पार्टियों ने निर्णय किया है कि भाजपा और जजपा साथ मिलकर सरकार बनाएंगी। मुख्यमंत्री भाजपा से होगा जबकि उप मुख्यमंत्री जजपा से होगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन जनादेश की भावना के अनुरूप है।
संवाददाता सम्मेलन में शाह और चौटाला के अलावा खट्टर और भाजपा के अन्य नेता मौजूद थे। चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि हरियाणा में स्थिरता के लिए गठबंधन जरूरी था।
अमित शाह ने कहा कि शनिवार को भाजपा में विधिवत रूप से नेता चुनने के बाद सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अगले पांच साल तक मोदीजी के नेतृत्व में यहां विकास के लिए काम किया जाएगा।
वहीं, दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में स्थायी सरकार बनाने के लिए वह भाजपा के साथ आए हैं। वहीं, मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा की भलाई के लिए हमने जजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया है।
शाह के घर हुई मुलाकात
आज जजपा प्रमुख दुष्यंत चौटाला आज दिल्ली में पहले केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ उनके घर पहुंचे। इसके बाद दोनों नेता भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के घर पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि जजपा को एक कैबिनेट और राज्य मंत्री का पद भी मिलेगा।
इससे पहले आज अमित शाह अपना अहमदाबाद दौरा बीच में ही छोड़कर लौट आए। उनसे जेपी नड्डा और हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला ने मुलाकात की। इसके बाद अनुराग ठाकुर दुष्यंत चौटाला को लेकर अमित शाह के घर पहुंचे। यहां गठबंधन पर मुहर लग गई।
बहुमत से दूर रह गई भाजपा
बृहस्पतिवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा को 40 सीटें मिलने के बाद पार्टी के शीर्ष नेता सक्रिय हो गए थे। भाजपा का सीटों का आंकड़ा बहुमत से छह कम रह गया था। सात निर्दलीय विधायकों ने भी भाजपा को समर्थन की घोषणा की है।
भाजपा का चौटाला को अपने पाले में लाने का निर्णय जाटों को तुष्ट करने की उसकी इच्छा को रेखांकित करता है जिससे कि उसकी सरकार सुचारू तरीके से चल सके। राज्य में प्रभावी जाट समुदाय के बारे में माना जाता है कि उन्होंने हाल के चुनावों में भाजपा के खिलाफ वोट किया। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि उसे सरकार के बने रहने के लिए निर्दलीयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।