कांग्रेस के तेज-तर्रार प्रवक्ता राजीव त्यागी की एक टीवी बहस के बाद हुई मौत ने लोगों को परेशान कर दिया है। उनकी पत्नी ने राजीव त्यागी की मौत के लिए सीधे तौर पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को जिम्मेदार ठहराया है जिनके साथ उन्होंने अंतिम टीवी बहस में भाग लिया था। उनका कहना है कि टीवी शो के दौरान हुई कुछ टिप्पणियों से वे बहुत परेशान हो गए जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और अन्तत: उनकी जान चली गई।
उन्होंने कहा कि आज मीडिया अपनी जिम्मेदारी से विमुख हो रहा है। मीडिया को समाज के सबसे कमजोर आदमी की आवाज होना चाहिए, लेकिन आज वह केंद्र सरकार की आवाज बनकर रह गया है। उनकी अपील केंद्र सरकार और मीडिया के प्रमुख संस्थानों से भी है कि अब मीडिया को भी नियम के दायरे में लाया जाना चाहिए अन्यथा इसके बहुत दुष्परिणाम सामने आएंगे।
बीजेपी नेता ने कहा, संबित पात्रा पर आरोप लगाना गलत
भाजपा प्रवक्ता सुदेश वर्मा ने कहा कि राजीव त्यागी स्वयं एक बहुत तेज-तर्रार नेता थे। टीवी बहसों के दौरान वे बड़ी मजबूती के साथ अपनी पार्टी का पक्ष रखते थे। लेकिन आज जब उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है तो ऐसे समय में किसी प्रकार की अनुचित टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टीवी बहसों के दौरान किसी का व्यक्तिगत कुछ भी नहीं होता और सभी अपनी पार्टी की विचारधारा को ही आगे रखते हैं। ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि सिर्फ टीवी पर हुई बहस राजीव त्यागी की मौत का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि इसके अन्य कारण हो सकते हैं जिसके विषय में एक्सपर्ट डॉक्टर ही बता सकते हैं।
वरिष्ठ मनोचिकित्सक ने मीडिया पर उठाए सवाल
दिल्ली के इहबास में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉक्टर ओम प्रकाश ने कहा कि टीवी बहसों पर चर्चा का स्तर लगातार गिर रहा है। इसका कहीं न कहीं लोगों पर असर पड़ रहा है। लेकिन इससे सबसे बड़ा नुकसान स्वयं मीडिया की विश्वसनीयता पर पड़ रहा है।
आज का कस्टमर (यहां दर्शक के लिए) बहुत समझदार है। उसके पास ढेरों विकल्प हैं। जहां भी उसे अपने मनमुताबिक सेवा नहीं मिलती, वह दूसरे विकल्प को चुन लेता है। ठीक यही चीज न्यूज़ के मामले में भी हो रही है। यही कारण है आज के ज्यादातर युवा न्यूज़ से ज्यादा मतलब नहीं रखते। यह मीडिया के लिए अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने का प्रश्न कहीं ज्यादा है।