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Congress: 'हमारे फैसले सोनिया गांधी लेती हैं', कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद पर बदलाव को लेकर खरगे का बड़ा बयान

Fri, 01 May 2026 03:24 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कलबुर्गी

सार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद में संभावित बदलाव पर कोई भी निर्णय पार्टी का आलाकमान सामूहिक रूप से लेगा। इस आलाकमान में स्वयं खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी शामिल हैं।
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मल्लिकार्जुन खरगे, अध्यक्ष, कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि फिलहाल सिद्धारमैया ही सीएम रहेंगे। हालांकि, अपने बयान में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि हमारे फैसले सोनिया गांधी लेती हैं। उनके बयान को लेकर भाजपा ने उन्हें कटघरें में लाकर खड़ा कर दिया है। यहां तक कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष होने तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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'वरिष्ठ नेतृत्व से परामर्श के बाद ही लिए जाते हैं निर्णय'
खरगे ने कहा कि मुख्यमंत्री पद में बदलाव की बात हर दिन होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति अध्यक्ष के रूप में वह, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मिलकर यह निर्णय लेंगे। कांग्रेस आलाकमान प्रमुख संगठनात्मक और राजनीतिक मामलों पर निर्णय से पहले वरिष्ठ नेतृत्व से परामर्श करता है। खरगे ने कहा कि वे सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया पर जोर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी या राहुल गांधी की भागीदारी के बिना कोई निर्णय नहीं होता।
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आलाकमान के भीतर व्यापक चर्चा होती है और वरिष्ठ नेताओं से परामर्श किया जाता है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है, इसलिए किसी भी बदलाव पर अटकलें लगाना जल्दबाजी होगी। खरगे ने आगे कहा कि एक बार निर्णय लेने के बाद यह कर्नाटक के सर्वोत्तम हित में होगा। उन्होंने सभी से पार्टी नेतृत्व के अंतिम निर्णय का सम्मान करने का आग्रह किया।



कर्नाटक कांग्रेस में आंतरिक मतभेद
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार नेतृत्व-साझाकरण व्यवस्था को लेकर आंतरिक मतभेदों का सामना कर रही है। यह विशेष रूप से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच है। पार्टी के कुछ वर्गों ने कथित 2023 के सत्ता-साझाकरण समझौते का हवाला देते हुए शिवकुमार को शेष कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। इस नेतृत्व की खींचतान के कारण राज्य सरकार में स्थिरता बनाए रखने के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कई दौर की चर्चाएं हुई हैं।
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नवंबर में कर्नाटक सरकार ने पार किया आधा पड़ाव
यह मुद्दा पिछले साल नवंबर में सरकार के पांच साल के कार्यकाल का आधा पड़ाव पार करने के बाद गति पकड़ गया। सिद्धारमैया और शिवकुमार के साथ-साथ गृह मंत्री जी परमेश्वर को भी कर्नाटक कांग्रेस इकाई के भीतर आंतरिक नेतृत्व की गतिशीलता में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में देखा जाता है। खरगे ने गुरुवार को कहा था कि कांग्रेस आलाकमान जल्द ही कर्नाटक में नेतृत्व की अनिश्चितता को हल करने की उम्मीद कर रहा है। यह संगठनात्मक आकलन के आधार पर सिद्धारमैया को पद पर जारी रखने या मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी देने से हो सकता है।

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