कांग्रेस का कहना है कि
हज यात्रा के दौरान मिलने वाली सब्सिडी सीधे हाजियों को न मिलकर उन्हें जेद्दा ले जाने वाली एयरलाइंस को जाती थी। कांग्रेस सांसद और
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद का कहना है कि हज को लेकर दी जाने वाली सब्सिडी घटाने की प्रक्रिया यूपीए सरकार में ही शुरू हो चुकी थी। उनका कहना है कि असल में ये निर्णय मई 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने लिया था। हम सरकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।
आजाद का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ये सब्सिडी दस साल में यानी 2022 में खत्म होनी थी। उस लिहाज से अभी सरकार के पास साढ़े चार साल शेष थे। उनका कहना है कि हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कोर्ट के निर्णय का जो दूसरा हिस्सा है हमें विश्वास है कि सरकार उस पर ध्यान देगी।
आजाद का कहना है कि हाजियों को अब एयरलाइंस को 70-80 हजार देने होंगे, जबकि पहले 30-40 हजार देने होते थे। उनका कहना है कि इसे कतई मुद्दा नहीं बनाना चाहते हैं, लेकिन इसका लाभ सीधे हाजियों को नहीं एयरलाइंस को जाता था।