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कांग्रेस बोली, चीफ जस्टिस खुद तय करें उन्हें काम करना चाहिये या नहीं

Mon, 23 Apr 2018 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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CJI
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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के खिलाफ महाभियोग मामले में प्रेस कांफ्रेंस को ले कर उठ रहे सवालों पर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी ने कहा कि महाभियोग की जानकारी मीडिया को न देने का कोई नियम नहीं है। 
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इस पर सवाल उठाने वाले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिसंबर 2009 में जस्टिस दिनाकरन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने के बाद माकपा महासवि सीताराम येचुरी के साथ मीडिया को संबोधित किया था। एक अन्य नेता विवेक तन्खा ने सीजेआई को अपने ऊपर लगे आरोपों के लिए खुद जांच बिठाने का सुझाव दिया।

सांसद तुलसी ने कहा कि महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने के बाद इसके तथ्यों की जानकारी मीडिया को न देने का कोई नियम नहीं है। संविधान में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। उन्होंने इसे बेवजह का मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि सवाल सरकार की ओर से उठाए जा रहे हैं। ऐसे में वित्त मंत्री जेटली को जवाब देना चाहिए कि जस्टिस दिनाकरन मामले में नोटिस देने के बाद वह क्यों मीडिया से मुखातिब हुए थे। 
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दूसरे सांसद तन्खा  ने कहा कि विवाद सीजेआई के पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर मामले का है। सरकार के एक मंत्री इसे सीजेआई के गृह राज्य ओडिशा से जोड़ कर राज्य का अपमान बात रहे हैं। क्या सीजेआई सिर्फ ओडिशा के जज हैं? तन्खा ने कहा कि होना तो यह चाहिए कि सीजेआई अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ खुद जांच बैठा दें। उन्हें यह भी तय करना चाहिए कि ऐसी स्थिति में जब उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस गया है तो उन्हें बतौर जज काम करना चाहिए या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट जाने के दिए संकेत

इस मुद्दे पर आक्रामक कांग्रेस  ने राज्यसभा के सभापति द्वारा महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस ठुकराए जाने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के संकेत दिए। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि संविधान में न्यायपालिका को सभापति के फैसले की समीक्षा का अधिकार है। पार्टी की ओर से यह उस दौरान कहा जा रहा है जब नोटिस को सभापति द्वारा ठुकरा दिए जाने की चर्चा हो रही है।

संविधान बचाओ अभियान शुरू करेंगे राहुल

महाभियोग पर जारी सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोमवार से संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत करेंगे। इसकी पहली कड़ी में तालकटोरा स्टेडियम में एक सम्मेलन होगा। पार्टी की योजना देश भर में यह अभियान चलाने की है।
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