बीते बीस सालों में नौ साल केंद्र में वाजपेयी जी समेत साढ़े चार साल की मोदी सरकार है लेकिन हर चुनाव में यही कोशिश रहती है कि भगवान श्रीराम के नाम पर कैसे वोट बटोरे जा सकते हैं। जब सत्ता में आते हैं तो कैकेयी की तरह श्रीराम को बनवास भेज देते हैं। जब चुनाव के छह महीने शेष रहते हैं तो वोट बटोरने के लिए फिर भगवान श्रीराम याद आ जाते हैं। सत्ता पाने के लिए राम का नाम लेना इनका असली चेहरा और चरित्र है।
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कांग्रेस ने राहुल गांधी की शिवभक्ति, मंदिर दर्शन और आस्था को लेकर मजाक उड़ाने पर भाजपाइयों के लिए भगवान से सद्बुद्धि देने को कहा है। वहीं शास्त्रों का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि ईश्वर की भक्ति में बाधा डालने वाले पाप और श्राप के भागीदार होंगे।
प्रियंका ने कहा कि राहुल गांधी के पैदल केदारनाथ और कैलाश मानसरोवर की यात्रा से अधर्मी लोग बौखलाए हैं उनके पेट में पीड़ा हो रही है। अब जब कांग्रेस अध्यक्ष ने चित्रकुट से मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की शुरूआत की है तो भाजपाइयों की छपपटाहट दिख रही है। हाथ जोड़कर अनुरोध है कि भाजपा नेता विचलित न हों घबराएं नहीं संयम और मर्यादा बनाए रखें।