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यूपी सरकार ने शपथ पत्र में की सुप्रीम कोर्ट की अवमानना : कांग्रेस

Wed, 07 Oct 2020 02:47 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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supreme court - फोटो : पीटीआई
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कांग्रेस ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हाथरस मामले को लेकर दाखिल किए गए शपथपत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे शीर्ष अदालत की अवमानना करने वाला कहा।

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पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ मनगढ़ंत ढंग से देश को भ्रमित करने के लिए इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश बता रहे हैं, जबकि कोर्ट में दाखिल शपथपत्र में शामिल बातें और जानकारी  अमेरिका में हुए नस्लवादी मूवमेंट और वहां की घटना में हुई बातों की नकल हैं।


कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, शपथपत्र के पेज नंबर 101 से 127 को देखकर पता चलता है कि इसे कहां से चुराया गया है। अंग्रेजी के शपथपत्र में पेज 125 में अश्वेत यानि ब्लैक लोगों के साथ दौड़ने की बात कही गई है। क्या यूपी की सड़कों पर ब्लैक के दौड़ने की बात कही गई है?
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126 पेज पर आंदोलनकारियों को सुरक्षा के लिए एन-95 मास्क, स्वीमिंग चश्मे लगाने, पेज 127 पर ब्लैक लाइव्स मैटर, फीनिक्स और सैन डियागो शहरों का जिक्र है। क्या ये सब हाथरस और यूपी से संबंधित हैं? शपथ पत्र में एनवाईपीडी यानि न्यूयार्क पुलिस डिपार्टमेंट से दूर रहने का भी हवाला दिया है, जबकि यूपी में भ्रष्ट पुलिस का राज है। यूपी में न्यूयार्क पुलिस कहां से आ गई?

सुप्रिया ने कहा, कोर्ट को ऐसे शपथपत्र को न केवल फेंक देना चाहिए बल्कि यूपी सरकार को अवमानना की सजा भी देनी चाहिए। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला है। सरकार कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की बात कह रही है, लेकिन अभी तक सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

एक अन्य प्रवक्ता सुष्मिता देव ने कहा कि हाथरस मामले का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। इसके बाद रहस्यमय ढंग से सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल की जाती है। पीआईएल के सूचीबद्ध होने और नोटिस जारी होने से पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार अपने बचाव में 136 पेज का शपथपत्र दाखिल कर साजिश का बड़ा झूठ बोलती है।

उन्होंने कहा, सरकार ने अभी तक जो भ ीकदम उठाए हैं, उनका उद्देश्य मामले को दबाने का रहा है। लेकिन शपथपत्र ने सरकार के झूठ का पर्दाफाश कर दिया।

शपथपत्र में सरकार कह रही है कि बेटी के साथ बलात्कार नहीं हुआ है। शपथपत्र में एक और सफेद झूठ बोला गया है कि लड़की का अंतिम संस्कार परिवार की मौजूदगी में रीति रिवाज से हुआ है, जबकि देश ने देखा है कि उसे डीजल-केरोसीन से रात के समय खेत में जलाया गया था। ये सरासर कोर्ट की अवमानना का मामला है।

पूर्व कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल ने कहा कि आरएसएस और भाजपा की सोच महिला विरोधी है। भाजपा नेताओं के बयान लगातार महिलाओं का अपमान और मृत लड़की को बदनाम करने वाले रहे हैं।

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