कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि देश में कोरोना महामारी से उतनी मौतें नहीं हुईं, जितनी कुप्रबंधन से हुई हैं। पार्टी का कहना है कि गांव में मातम है, हर गली से अर्थी उठ रही है। इनमें से ज्यादातर मौतें रोकी जा सकती थीं।
पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि जब केंद्र नीतिगत निर्णय ले रहा था, तब वैक्सीन निर्माताओं से मोल भाव भी वही कर रहा था। देश में ऑक्सीजन के 162 प्लांट लगने थे, तो उसका टेंडर भी केंद्र सरकार ही निकाल रही थी। उसमें 8 महीने की देरी हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब चारों तरफ बर्बादी का माहौल दिखने लगा, तब आप नजरें फेर कर जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर डाल दी। हम बार-बार पूछेंगे कि हमारी वैक्सीन विदेशों में क्यों बेच दी? हम ऊंची आवाज में पूछेंगे, इस देश में ऑक्सीजन क्यों नहीं ह, दवाइयां क्यों नहीं मिल रही, क्यों लाशों को छुपाया जा रहा है?