कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि संबंधी कानूनों को लेकर सोमवार को सरकार पर फिर निशाना साधा। गांधी ने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज को संसद और बाहर दोनों जगह दबाया गया।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, 'कृषि संबंधी कानून हमारे किसानों के लिए मौत का फरमान हैं। उनकी आवाज संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई। यहां इस बात का सबूत है कि भारत में लोकतंत्र खत्म हो गया है।'
कांग्रेस की ओडिशा इकाई ने सोमवार को हाल ही में पारित किए गए कृषि विधेयकों को निरस्त करने की मांग को लेकर राजभवन के पास प्रदर्शन किया। ये विधेयक पहले संसद में पारित किए गए थे, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में किसानों और राजनीतिक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।
कृषि विधेयकों के खिलाफ कांग्रेस के इस प्रदर्शन में राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष जयदेव जेना और पूर्व सांसद प्रदीप माझी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाग लिया। उन्होंने केंद्र पर किसान विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारी तख्तियां और बैनर पकड़कर राजभवन के पास जमा हो गए और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विधेयक वापस लेने की मांग की। पीसीसी के पूर्व प्रमुख जयदेव जेना ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों ने स्वेच्छा से विरोध प्रदर्शन के साथ खुद को जोड़ रखा है।
उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र विधेयकों को वापस नहीं लेता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा,‘ये विधेयक हरित क्रांति को बर्बाद करने के लिए एक साजिश का हिस्सा हैं और किसानों और कृषि को नष्ट कर मुट्ठी भर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाएंगे।’