छत्तीसगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल और केंद्रीय प्रभारी पीएल पुनिया के बीच कुछ उम्मीदवारों के नाम पर मतभेद होने पर राहुल ने खुद बीचबचाव कर अंतिम फैसला किया। उनके फैसले में बड़ी भूमिका इन सचिवों से प्राप्त जानकारी की थी।
इसी तरह राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट को चुनाव लड़ाने के फैसले में भी सचिवों की रिपोर्ट काम आई। जानकार सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश चुनाव में दिग्विजय सिंह की भूमिका निर्धारित करने में भी सचिवों का खास रोल था।