गुवाहाटी हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता नवेन्द्र कुमार के रिट याचिका पर सुनवाई के बाद सीबीआई के गठन को असंवैधानिक बताया था। अने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा था कि अदालत 1 अप्रैल 1963 के उस प्रस्ताव को खारिज करती है, जिसके तहत सीबीआई का गठन किया गया था। सीबीआई डीएसपीई का हिस्सा या अंग नहीं है।
सीबीआई को किसी भी लिहाज से डीएसपीई एक्ट 1946 के तहत पुलिस संस्था नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि सीबीआई के गठन को लेकर गृहमंत्रालय का प्रस्ताव न तो कैबिनेट का फैसला है और न ही राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश का हिस्सा। यह एक विभागीय आदेश है, जिसे कानून नहीं माना जा सकता।
गुवाहाटी हाईकोर्ट के सनसनीखेज फैसले के खिलाफ दो दिन बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। केंद्र की अपील पर तत्कालीन चीफ जस्टिस ने अपने निवास पर ही सुनवाई की थी और हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। पिछले पांच साल से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।