कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में चीन की उन कंपनियों की मदद ली है जो सीधे तौर पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से जुड़ी हैं। पार्टी का कहना है कि घुसपैठ के बाद पिछले महीने कुछ कंपनियों पर पाबंदी लगाई गई है, जबकि भाजपा को पहले ही पता था कि ये कंपनियां पीएलए से संबद्ध और देश की एकता संप्रभुता के लिए खतरा हैं।
कांग्रेस ने पूछा कि क्या चीन की कंपनियों की वजह से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब चीन का मामला आता है तो चुप्पी साध जाते हैं। जब बोलते भी हैं तो देश को गुमराह करते हुए गलत सूचना देते हैं कि ‘न कोई घुसा, न कोई घुसा हुआ है’।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भाजपा की ओर से चुनाव आयोग को 2019 चुनाव से संबंधित जो खर्च का ब्यौरा सौंपा, उसे शुक्रवार को जारी किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हर क्षेत्र में चीनी निवेश के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। 2019 के चुनाव में भाजपा ने चीन की सहायता ली। चीन की जिन कंपनियों का सीधा संबंध पीएलए से है, इसके बारे में सरकार ने अभी जुलाई में बताया। जबकि उन्हीं कंपनियों की सहायता से आपने चुनाव लड़ा।
खेड़ा ने चीन को लेकर पीएम की चुप्पी पर कहा कि चीन की कंपनी यूसी वेब मोबाइल जिस पर जुलाई में पाबंदी लगाई । इसी कंपनी की सेवाएं भाजपा ने ली। इसका उल्लेख खुद भाजपा ने आयोग को भेजे दस्तावेज में किया है। इसी कंपनी पर 2017 में भाजपा ही की सरकार ने हिंदुस्तानियों का डाटा चुराकर चीन भेजने का आरोप लगाया था।
आखिर क्या मजबूरी थी कि उसी कंपनी को दो साल बाद 2019 में चुनाव में अपने प्रचार के लिए लाए। वहीं, दूसरी कंपनी गामा गाना लिमिटेड जो टेनसेंट से संबंधित है। इसके एक निदेशक पो शुऐंग हैं जो टेन सी इंडिया लिमिटेड के भी निदेशक हैं। जुलाई में मोदी सरकार ने सूचित किया कि अली बाबा और टेनसेंट चीन की पीएलए से सीधे-सीधे संबंधित हैं।
शेयरइट टेक्नोलॉजी पर भी यह कह पाबंदी लगाई गई कि कंपनी भारत की एकता एवं संप्रभुता के लिए खतरा है। वही कंपनी चुनाव में भाजपा की पार्टनर बनकर चुनाव पर प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी से यह जानना चाहते हैं कि ऐसी कंपनी को भारतीय चुनाव जैसे संवेदनशील काम में क्यों इस्तेमाल किया गया।