कांग्रेस महासचिव और गोवा के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने राज्य में पार्टी की सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दांव पेंच तेज कर दिया है। वहीं भाजपा ने केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था। नितिन गडकरी के पास सकारात्मक संकेत हैं और भाजपा ने रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर उतार कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।
40 सदस्यीय गोवा में कांग्रेस को 17 सीटें मिली हैं। भाजपा के खाते में 13 सीटें आई हैं। यह संख्या कांग्रेस के विधायकों से चार कम है और सरकार गठित करने के लिए दोनों दलों को कम से कम 21 विधायकों की दरकार है। ऐसे में राज्यपाल के साथ-साथ अन्य विधायकों का महत्व बढ़ गया है।
भाजपा राज्यपाल मृदुला सिन्हा से भेंट करके सरकार बनाने का दावा पेश कर चुकी है। वहीं परंपरा के अनुसार राज्यपाल पहले सबसे अधिक सीट जीतकर आये राजनीतिक दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करता है। हालांकि संविधान विशेषज्ञों के अनुसार राज्यपाल इस संदर्भ में विवेक के आधार पर निर्णय ले सकता है। उसे जिस के पास बहुमत साबित करने का भरोसा हो उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकता है।