भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 21 फरवरी को अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोल डाला था। जिसमें पार्टी ने ट्विटर यूजर्स से पूछा था कि क्या वह दूरसंचार विभाग के इस आदेश से खुश हैं कि वह देश में 13 अंकों का मोबाइल नंबर जारी करे। मगर अपने इस पोल की वजह से ट्विटर पर पार्टी फंस गई क्योंकि दूरसंचार विभाग ऐसा कुछ नहीं करने वाली है।
हालिया आदेश के अनुसार दूरसंचार विभाग मोबाइल नंबर को नहीं बल्कि मशीन टू मशीन सिम कार्ड्स के नंबर को 13 अंकों का करने वाली है। जियो के एक सूत्र ने बताया कि नए आदेश से मोबाइल नंबर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं पार्टी के पोल पर 12,000 ट्विटर यूजर ने हिस्सा लिया। बहुत से लोगों ने कांग्रेस के इस पोल पर सवाल भी उठाए।
क्या होता है मशीन-टू-मशीन नंबर?
मशीन-टू-मशीन कनेक्शन का इस्तेमाल इंटरप्राइजेज में होता है। इसका इस्तेमाल ट्रैफिक कंट्रोल और रोबोटिक्स में भी होता है। इस तकनीक के जरिए डिवाइस और सेंसर के बीच इंटरनेट के जरिए कम्यूनिकेशन किया जाता है। मगर कांग्रेस की सोशल मीडिया ने यहां गलती कर दी। जिसकी वजह से वह ट्विटर पर ट्रोल हो गई।