पार्टी सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी के कमान में आयोजित होने वाले इस पहले महाधिवेशन के फोकस में कुछ बदलाव होने की संभावना है। अभी तक पार्टी के अधिवेशन का फोकस अध्यक्ष रहा करता था लेकिन अब राहुल इसमें बड़ा फेरबदल करने वाले हैं। इस बार अधिवेशन का फोकस राहुल और पार्टी के बड़े नेता नहीं बल्कि पार्टी के कार्यकर्ता होंगे।
ऐसा बताया जा रहा है कि इस अधिवेशन व प्रस्तावों में कार्यकर्ताओं से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अधिकारी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। इतना ही नहीं, उसके सुझाव को बाकायदा प्रस्तावों में शामिल करने की भी बात कही गई है। इस बार अधिवेशन का खास आकर्षण दूसरे देशों के राजदूत और उच्चायुक्त भी होंगे। अधिवेशन में शामिल होने के लिए उन्हें भी निमंत्रण भेजा गया है।
2019 को लेकर होगा यहां मंथन
यह अधिवेशन आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अधिवेशन में देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ साथ मोदी सरकार की कमियों को रेखांकित किया जाएगा। वहीं कांग्रेस राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, अंतरराष्ट्रीय मामलों, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव लेकर आएगी। इसके अलावा, कांग्रेस किसान की समस्याओं, युवा और रोजगार की बढ़ती समस्या सहित गरीबी उन्मूलन, भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय सुरक्षा दलितों और आदिवासियों की दयनीय स्थिति पर भी विचार करेगी।