अपने अगले प्रधानमंत्री का सपना देखने वाली कांग्रेस पार्टी का अधिवेशन इस मांग के साथ तेज हो रहा है कि देश में लोकतंत्र की एक प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाए। आधुनिक भारत जिस तरीके से देश के लोकतंत्र को चला रहा है, उसमें एक बदलाव की मांग को कांग्रेस पार्टी ने बड़े स्तर पर हवा दे दी है। कांग्रेस चाहती है कि देश के अगले लोकसभा चुनाव का नतीजा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के भरोसे ना रहे बल्कि ये चुनाव बैलेट पेपर्स से हों।
कांग्रेस के 84वें अधिवेशन में ये मांग जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। बता दें कि देश की कई और राष्ट्रीय पार्टियां हैं जो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम के खिलाफ हैं, EVM पर भरोसा खोने वाली अरिंद केजरीवाल की पार्टी के साथ-साथ यूपी की सपा और बसपा भी इसी पक्ष में है कि देश में चुनाव के तौर-तरीके बदले जाएं। सपा और बसपा का तो सीधा आरोप है कि बीजेपी का EVM धांधलियों में सीधा हाथ है।