सुष्मिता देव कहती हैं कि सरकार समाज और देश के विकास के हर ज्वलंत मुद्दे पर फेल है। अर्थव्यस्था, रोजगार, किसान, मजदूर, उद्योग जैसे महत्वपूर्ण मामले में फिसड्डी साबित हो रही है। इसलिए ध्यान बंटाने के लिए देश को हिन्दू-मुसलमान में गुमराह करने, उलझाए रखने, ध्यान बंटाने में लगी है।
सुष्मिता देव का कहना है कि आजादी और बंटवारे के बाद इतना संघर्ष, हिंसा सबको दरकिनार करके भारत ने धर्म निरपेक्षता को अपनाया। भारत ने पाकिस्तान के इस्लामिक राज्य बनने के निर्णय के बाद यह कदम उठाया था। पिछले 70 साल में देश सबको साथ लेकर चला।
विभिन्नता में एकता, धर्म, संप्रदाय सबमें समन्वय लेकर चले, लेकिन 2014 बाद से केंद्र सरकार ने इस ढाचें को तहस-नहस कर दिया है। सुष्मिता का कहना है कि सरकार नरेटिव बनाने में लगी है। हम इसका विरोध करेंगे।
सोनिया गांधी के वक्तव्य ने दी धार
धरने पर कांग्रेस के नेता बैठे थे और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बारीकी से इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे। दस जनपथ के सूत्र बताते हैं कि कुछ देर बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने वक्तव्य जारी करने का निर्णय लिया।
अपने वक्तव्य में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष तथा केंद्रीय गृहमंत्री की राजनीतिक मंशा पर जमकर हमला बोला। सरकार के कामकाज पर केन्द्र सरकार के गठन का उद्देश्य बताते हुए हमला बोला।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी हमला बोला। उन्होंमे जामिया मिलिया के छात्रों पर हमला, लाइब्रेरी में पुलिस के जबरिया घुसने को देश की आत्मा चोट बताया।