कांग्रेस गुरुवार से राजस्थान में चिंतन शिविर करने जा रही है। इसके लिए पार्टी ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि जिस शहर में कांग्रेस सत्ता में वापसी करने के लिए मंथन करने जा रही है, उसी उदयपुर शहर में कांग्रेस की हालत बहुत खराब है। 1988 के बाद से पार्टी का कोई विधायक नहीं जीत सका है। जबकि 30 सालों में सिटी म्युनिसिपल कार्पोरेशन में कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है।
उदयपुर शहर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार चार बार से चुनाव जीत रहे हैं। भाजपा के मुकाबले हमेशा से कांग्रेस का प्रत्याशी कमजोर होता है। 2019 में कांग्रेस से डॉ. गिरिजा व्यास को टिकट मिला, लेकिन बेहतर प्लानिंग नहीं होने से जातिगत समीकरण में कटारिया बाजी मार गए। मोहनलाल सुखाड़िया की तीसरी पीढ़ी आ गई, लेकिन उनके परिवार के किसी सदस्य को कांग्रेस में तवज्जो नहीं दी गई। 1952 में पहली बार यहां रामराज्य परिषद विधानसभा चुनाव जीती थी। इसके बाद पांच बार कांग्रेस के विधायक चुने गए। इनमें तीन बार मोहनलाल सुखाड़िया जीते। एक बार गिरिजा व्यास तो एक बार त्रिलोक पूर्बिया विधायक बने। विधानसभा में भाजपा छह बार अपने विधायक उदयपुर शहर से बना चुकी है। जबकि आजादी के बाद से उदयपुर लोकसभा सीट से 11 बार सांसद चुने गए। इनमें पांच बार भाजपा ने इस सीट पर जीत हासिल की। एक बार जनसंघ और एक बार जनता पार्टी लोकसभा का चुनाव जीती थी।
इधर, चिंतन शिविर में हिस्सा लेने से एक दिन पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उदयपुर को दो बड़ी सौगातें देने की घोषणा की है। गुरुवार को सीएम शहर के गुलाबबाग में राजस्थान के पहले बर्ड पार्क का उद्घाटन करेंगे। इस बर्ड पार्क में पर्यटकों को एशियन, आस्ट्रेलियन, अफ्रिकन और अमेरिकन परिंदों के दीदार हो सकेंगे। इसमें कुल 28 प्रजातियों के पक्षियों को रखा गया है। इसके बाद उदयपुर संभाग के सबसे बड़े राजकीय महाराणा भूपाल अस्पताल में 34 करोड़ के कार्यों व नई मशीनों का लोकार्पण करेंगे।