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सियासत: IT नोटिस मामले में मिली राहत पर कांग्रेस बोली- अगर कोर्ट का नहीं करते रुख, तो यह संभव ही नहीं होता

Mon, 01 Apr 2024 07:06 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आयकर विभाग से जुड़े मामले में मिली राहत पर कांग्रेस ने कहा कि अगर पार्टी ने 'कर आतंकवाद' के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ी होती तो यह संभव नहीं होता। कांग्रेस पार्टी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट की तारीफ करते हुए इस कदम की सराहना की और इसे दयालु बताया।
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अभिषेक मनु सिंघवी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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आयकर विभाग से जुड़े मामले में मिली राहत पर कांग्रेस ने कहा कि अगर पार्टी ने 'कर आतंकवाद' के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ी होती तो यह संभव नहीं होता। मामले के सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि आयकर विभाग लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस मामले में कांग्रेस के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगा।
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अब हमें न्याय की उम्मीद है- कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट की तारीफ करते हुए इस कदम की सराहना की और इसे दयालु बताया। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने कहा कि पार्टी का रुख वैध था और अदालत के हस्तक्षेप के साथ, वह अब न्याय की उम्मीद कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस को मिली बड़ी राहत
सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस नेता विवेक तन्खा कहा कि सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है। अब 24 जुलाई तक 3500 करोड़ रुपये के टैक्स डिमांड पर कांग्रेस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। उसके बाद कोर्ट इन मामलों की सुनवाई करेगा। अगर आप लड़ते रहेंगे तो निराशा या हताशा पूरी तरह आशा में बदल जाती है। इसे समय का चक्र कहा जाता है लोकतंत्र की भावना की रक्षा करने और राजनीतिक दलों के बीच समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का आभार।
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क्या है मामला
कांग्रेस को पिछले वर्षों के आयकर रिटर्न में विसंगतियों के लिए 3567 करोड़ रुपये की मांग के लिए आयकर अधिकारियों से नोटिस मिला था और इस राशि में जुर्माना और ब्याज शामिल है। विपक्षी दल ने भाजपा सरकार पर उसके खातों को फ्रीज करके डराने-धमकाने और क्राउड-फंडिंग के माध्यम से एकत्र किए गए उसके धन को छीनने के लिए 'कर आतंकवाद' का सहारा लेने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि सोमवार को पीठ ने आईटी विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का बयान दर्ज किया कि मामले के अंतिम फैसले तक मौजूदा परिस्थितियों में कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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