राफेल मुद्दे को लेकर कांग्रेस मोदी सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राफेल लड़ाकू विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को लेकर सोमवार को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से मिलेगा।
पिछले हफ्ते कांग्रेस ने देश के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) से मुलाकात की थी। पार्टी ने कैग से सौदे में कथित अनियमितता पर एक रिपोर्ट तैयार करने और उसे संसद में पेश किये जाने का अनुरोध किया था।
कांग्रेस के नेताओं ने रविवार को कहा कि पार्टी इसी तरह का अनुरोध करने के साथ ही इस संबंध में भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज करने की मांग करेगी।
राफेल मुद्दे पर अपना हमला तेज करते हुए कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोपनीयता की शपथ का "उल्लंघन" किया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि समय आ गया है, अब वित्त मंत्री अरूण जेटली और प्रधानमंत्री "झूठ बोलना बंद करें।"
इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने सच्चाई सामने लाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने पर जोर दिया है।
गौरतलब है कि राफेल सौदे पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद यह मुद्दा और भी गर्मा गया है। ओलांद ने एक इंटरव्यू में कहा कि मोदी सरकार ने उन्हें अंबानी की कंपनी का नाम सुझाया था। इस बयान के बाद से कांग्रेस समेत विपक्षी दल आगबबूला हैं।
वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को एक इंटरव्यू में सरकार के पक्ष को रखा। जेटली ने कहा कि राफेल सौदा बिल्कुल साफ है, इसलिए ये रद्द नहीं होगा। उन्होंने विपक्ष के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। अरुण जेटली स्पष्ट कर चुके हैं कि कैग राफेल सौदे की कीमत की जांच करेगी, लेकिन सौदा जारी रहेगा। (इनपुट:भाषा)