जगरनॉट की ओर से प्रकाशित अपनी पुस्तक द राजीव आई न्यू एंड व्हाई ही वाज इंडियाज मोस्ट मिसअंडरस्टूड प्राइम मिनिस्टर के लॉन्च पर अय्यर ने कहा कि उनका अनुमान है कि अगर राजीव गांधी जीवित होते और पीवी नरसिम्हा राव की जगह प्रधानमंत्री होते, तो बाबरी मस्जिद अभी भी कायम होती।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि बाबरी मस्जिद का ताला खोलने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी नहीं, बल्कि पार्टी जिम्मेदार थी। उन्होंने कहा कि इसके पीछे अरुण नेहरू थे। अय्यर ने आरोप लगाया कि अरुण नेहरू भाजपा की ओर से कांग्रेस में प्लांट किए गए थे। बाद में जब उनकी योजना का पता चला तो वह भाजपा में शामिल हो गए।
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जगरनॉट की ओर से प्रकाशित अपनी पुस्तक द राजीव आई न्यू एंड व्हाई ही वाज इंडियाज मोस्ट मिसअंडरस्टूड प्राइम मिनिस्टर के लॉन्च पर अय्यर ने कहा कि उनका अनुमान है कि अगर राजीव गांधी जीवित होते और पीवी नरसिम्हा राव की जगह प्रधानमंत्री होते, तो बाबरी मस्जिद अभी भी कायम होती। उस स्थिति में भाजपा को उचित जवाब दिया गया होता और उन्होंने वैसा ही समाधान निकाला होता, जो सुप्रीम कोर्ट ने सालों बाद दिया।
राजीव का निष्कर्ष ही सही
अय्यर ने 22 जनवरी के राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार करने के कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा, राजीव गांधी कह रहे थे कि मस्जिद रखो और मंदिर बनाओ। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर बनाओ और मस्जिद कहीं और बनाओ। अय्यर ने कहा, एक तरह से फैसला वही है जिस निष्कर्ष पर राजीव पहुंच रहे थे।