बीएमसी चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक हार हुई है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस ने हार की हैट्रिक लगाई है। नतीजे आने के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने अपने इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने हार के लिए पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं को जिमेदार ठहराया है, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने कहा है कि मुंबई में पार्टी की हार के लिए सिर्प संजय निरूपम जिमेदार हैं।
चुनाव नतीजे आने से पहले की हार मान चुकी कांग्रेस को 227 सीटों वाली बीएमसी से सिर्फ 31 सीटें मिली हैं। बीएमसी में विपक्ष के नेता व कांग्रेस उमीदवार प्रवीण छेड़ा भी चुनाव हार गए। यह अब तक की कांग्रेस की सबसे बुरी हार है। टिकट बंटवारे में निरूपम ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को नाराज कर दिया था।
कांग्रेस के एक गुट का कहना है कि पार्टी महासचिव गुरुदास कामत, पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह व विधायक नसीम खान से अपनी निजी खुन्नस निकालने के लिए निरूपम ने उनके समर्थकों के टिकट काट कर ऐसे लोगों को दे दिया था जिनकी अपने इलाके में कोई पहचान नहीं थी। अपने समर्थकों के टिकट कटने से नाराज पार्टी नेताओं ने पार्टी उम्मीदवारों को हराने के लिए पसीना बहाया।
कांग्रेस की लगातार हार से पार्टी के भीतर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश को हटाने की मांग जोर पकड़ सकती है, क्योंकि पार्टी की इस हार के लिए वे भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने पार्टी की गुटबाजी खत्म कराने की बजाय बढ़ाने में सहयोग दिया। चुनाव से पहले पार्टी के अधिकांश नेता निरूपम की कार्य प्रणाली की आलोचना करते रहे, लेकिन मोहन प्रकाश लगातार निरूपम के समर्थन में खडे़ रहे।