फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BMC चुनाव: सामने आई कांग्रेस की कलह, नतीजों के बाद निरुपम का इस्तीफा

Thu, 23 Feb 2017 09:15 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
संजय निरुपम - फोटो : getty images
विज्ञापन
बीएमसी चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक हार हुई है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस ने हार की हैट्रिक लगाई है। नतीजे आने के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने अपने इस्तीफे  की पेशकश की है। उन्होंने हार के लिए पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं को जिमेदार ठहराया है, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने कहा है कि मुंबई में पार्टी की हार के लिए सिर्प संजय निरूपम जिमेदार हैं।
विज्ञापन


चुनाव नतीजे आने से पहले की हार मान चुकी कांग्रेस को 227 सीटों वाली बीएमसी से सिर्फ 31 सीटें मिली हैं। बीएमसी में विपक्ष के नेता व कांग्रेस उमीदवार प्रवीण छेड़ा भी चुनाव हार गए। यह अब तक की कांग्रेस की सबसे बुरी हार है। टिकट बंटवारे में निरूपम ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को नाराज कर दिया था।

कांग्रेस के एक गुट का कहना है कि पार्टी महासचिव गुरुदास कामत, पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह व विधायक नसीम खान से अपनी निजी खुन्नस निकालने के लिए निरूपम ने उनके समर्थकों के टिकट काट कर ऐसे लोगों को दे दिया था जिनकी अपने इलाके में कोई पहचान नहीं थी। अपने समर्थकों के टिकट कटने से नाराज पार्टी नेताओं ने पार्टी उम्मीदवारों को हराने के लिए पसीना बहाया।
विज्ञापन


कांग्रेस की लगातार हार से पार्टी के भीतर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश को हटाने की मांग जोर पकड़ सकती है, क्योंकि पार्टी की इस हार के लिए वे भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने पार्टी की गुटबाजी खत्म कराने की बजाय बढ़ाने में सहयोग दिया। चुनाव से पहले पार्टी के अधिकांश नेता निरूपम की कार्य प्रणाली की आलोचना करते रहे, लेकिन मोहन प्रकाश लगातार निरूपम के समर्थन में खडे़ रहे।
विज्ञापन

आधी से ज्यादा सीटों का नुकसान

- फोटो : getty images
निरूपम ने पार्टी के दूसरे नेताओं पर हार का ठीकरा फोड़ते हुए कहा, ‘वे चाहते थे कि किसी भी तरह मेरी हार हो। मैंने हार की जिमेदार स्वीकार करते हुए केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपने इस्तीफे की पेशकश की है।’ उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति पार्टी को जीत नहीं दिला सकता। चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी नेताओं ने पार्टी की संभावनाओं को लेकर नकारात्मक प्रचार-प्रसार किया। कुछ नेता खुद को पार्टी से ऊपर समझते हैं। यदि इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी और कमजोर होगी।

बीएमसी में ऐसे घटी कांग्रेस
वर्ष         सीटें
2017      31
2012      52
2007      71
2002      61
1997       49
1992       112
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें