चीनी वीजा घोटाले मामले में सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे व कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित चीनी वीजा घोटाले मामले में गिरफ्तारी से 30 मई तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। यानी कि 30 मई तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी। बता दें कि यह मामला ईडी द्वारा दर्ज किया गया था। वहीं सीबीआई दफ्तर पहुंचने से पहले वे मीडिया से भी मुखातिब हुए और अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एक भी चीनी नागरिक को वीजा दिलाने में मदद नहीं की है। बता दें कि इससे पहले वह आईएनएक्स मीडिया मामले में जेल जा चुके हैं।
विदेश से लौटते ही सीबीआई के समक्ष पेश हुए कार्ति
ब्रिटेन और यूरोप की यात्रा से लौटने के बाद कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम बृहस्पतिवार को सीबीआई के सामने पेश हुए। सीबीआई ने रिश्वत लेकर चीनी नागरिकों को वीजा दिलाने के मामले में कार्ति से करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। कोर्ट ने उन्हें देश में लौटने के 16 घंटे के भीतर सीबीआई के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था। कार्ति बुधवार को विदेश से लौटे और बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। वहां मौजूद पत्रकारों से कार्ति ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने एक भी चीनी नागरिक को वीजा दिलाने में कोई मदद नहीं की। सीबीआई ने सुबह से ही उनसे पूछताछ शुरू और दोपहर में एक घंटे के लिए खाना खाने की छुट्टी दी। कार्ति से शाम छह बजे तक पूछताछ की गई। शाम 6 बजे के बाद सीबीआई मुख्यालय से बाहर आए कार्ति चिदंबरम ने कहा, यह राजनीतिक बदले के तहत की गई कार्रवाई है। मैं जांच में सहयोग करने को तैयार हूं और एजेंसी के दोबारे बुलाने पर पेश होऊंगा।
ईडी ने भी बुधवार को दर्ज किया था केस
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2011 में 263 चीनी नागरिकों के वीजा बनाने से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम व अन्य के खिलाफ बुधवार को केस दर्ज कर लिया। इस मामले में बीते दिनों कार्ति व उनके पिता पूर्व वित्त व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के आवास पर सीबीआई द्वारा छापे मारे गए थे।
यह है मामला
आरोप है कि 2011 में जब कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे तब पंजाब में काम कर रही एक चीनी कंपनी के लोगों को कथित तौर पर अवैध तरीके से वीजा (Visa) दिलवाया गया था। मामले में कार्ति के करीबी भास्कर रमन के जरिए रिश्वत की रकम की हेराफेरी की गई। चीनी कंपनी के लोगों ने रमन के जरिए ही कार्ति से संपर्क साधा था। मामले में सीबीआई ने रमन को गिरफ्तार कर लिया है। वह सीबीआई रिमांड पर हैं। कार्ति चिदंबरम को भी सीबीआई के सामने आज पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
सीबीआई द्वारा दायर एफआईआर में क्या?
वीजा घोटाला मामला कार्ति और उनके करीबी एस भास्कररमन को वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा रिश्वत के रूप में दिए जाने के आरोपों से जुड़ा है। यह कंपनी पंजाब में एक बिजली संयंत्र स्थापित कर रही थी। सीबीआई के मुताबिक, बिजली परियोजना की स्थापना का काम एक चीनी कंपनी कर रही थी और यह काम समय से पीछे चल रहा था।