फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में मनरेगा जैसी स्कीम पेश कर सकती है कांग्रेस, कई मुफ्त योजनाओं पर लगा सकती है दांव

Mon, 25 Nov 2019 05:13 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • यूपीए-2 को सत्ता में वापस लाने के लिए मनरेगा को माना गया था जिम्मेदार
  • रोजगार सुरक्षा के अलावा 600 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी कई अन्य योजना पेश करने पर हो रहा विचार
विज्ञापन
Subhash Chopra and Kirti Azad - फोटो : Twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कांग्रेस महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (मनरेगा) की तरह की लुभावनी स्कीम पेश करने पर विचार कर रही है। इसके तहत दिल्लीवासियों को साल में न्यूनतम सौ दिन के रोजगार का वायदा किया जा सकता है। इस योजना का खाका पूर्व में कांग्रेस सरकार की तरफ से केंद्र में पेश की गई मनरेगा योजना की तर्ज पर बनाया जा सकता है। योजना के तहत दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्र में इसे निम्न और मध्यम स्तर की नौकरियों के लिए पेश किया जा सकता है। कांग्रेस का मानना है कि रोजगार की अनिश्चितता के दौर में यह योजना उसके लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकती है।

कांग्रेस पर बढ़ा दबाव

दरअसल, आम आदमी पार्टी दिल्ली के लोगों के लिए कई 'मुफ्त सेवा' की योजनाएं पेश कर चुकी है। इससे लोगों के बीच उसका जनाधार मजबूत होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वहीं भाजपा की केंद्र सरकार भी दिल्ली की कच्ची कालोनियों को पक्का करने का मास्टर कार्ड खेल रही है। ऐसे में कांग्रेस के सामने इन योजनाओं से कुछ बेहतर देने का दबाव बढ़ गया है। यही कारण है कि कांग्रेस दिल्ली में अपनी सफलता के लिए एक बार फिर अपनी फ्लैगशिप स्कीम की तरफ देख रही है।

2009 के चुनावों में मिला था फायदा

माना जाता है कि कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए को 2009 में केंद्र की सत्ता में वापस लाने के लिए मनरेगा ने बड़ी भूमिका निभाई थी। वर्ष 2005 में पेश इस योजना का गांव के लोगों ने काफी लाभ उठाया था, जिसका सीधा फायदा उसे 2009 के आम चुनावों में हुआ था। चूंकि, देश में चल रही आर्थिक मंदी के कारण कई क्षेत्रों में लोगों की नौकरियां असुरक्षित हुई हैं, मनरेगा जैसी योजना शहरी क्षेत्र के लोगों के बीच भी काफी लोकप्रिय हो सकती है। यही कारण है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ऐसा ही वायदा दिल्ली के लोगों से कर सकती है।

किसे मिलेगा फायदा?

दरअसल, दिल्ली की कच्ची कालोनियों में रहने वाले ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग हैं। केंद्र सरकार के नोटबंदी का फैसला लागू करने के बाद रोजगार ठप होने से सबसे ज्यादा इसी वर्ग की नौकरियों पर असर पड़ा था। कांग्रेस चुनाव के दौरान इसी वर्ग को निशाना बनाना चाहती है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि यह वर्ग परंपरागत तौर पर कांग्रेस का वोटर रहा है। यही वर्ग उत्तर प्रदेश और बिहार में मनरेगा योजना का फायदा उठाने वालों में सबसे आगे रहा है। इसलिए पार्टी का मानना है कि अगर ऐसी योजना पेश की जाती है तो यह लोगों को आकर्षित कर सकती है।

मिल सकती है फ्री बिजली!

आम आदमी पार्टी की दिल्ली के लोगों को 200 यूनिट बिजली फ्री देने की योजना की काफी चर्चा हो रही है। इससे आगे निकलने की होड़ में कांग्रेस दिल्ली के लोगों को 600 यूनिट बिजली फ्री देने का वायदा भी कर सकती है। इसके अलावा महिलाओं के साथ-साथ सभी स्कूली छात्रों और बुजुर्गों के लिए डीटीसी बसों में पास दिये जाने की योजना पेश करने पर भी विचार किया जा रहा है।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें