कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है कि पिछले 10 वर्षों में भाजपा-एनडीए सरकार द्वारा उठाए गए कई कदम वास्तव में भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने वाले हैं। नोटबंदी, राफेल सौदा, पेगासस स्पाइवेयर और चुनावी बांड योजना। कांग्रेस इन संदिग्धों सौदों और योजनाओं की जांच करेगी। उन लोगों को कानून के दायरे में लाएगी, जिन्होंने इससे अनुचित माध्यम से अवैध लाभ कमाया है।
कांग्रेस का कहना है कि पिछले दस वर्षों में ज्ञात अपराधियों को देश छोड़ने की अनुमति दी गई है। ऐसा माना जाता है कि भाजपा-एनडीए सरकार ने उन्हें देश छोड़ने में मदद की। वर्तमान सरकार किसी भी घोटालेबाज को वापस लाने में सक्षम नहीं है। जिन परिस्थितियों में उन्हें देश छोड़ने की इजाजत दी गई, उनकी जांच की जाएगी और घोटालेबाजों के सभी सहयोगियों को कानून के सामने लाया जाएगा। भाजपा आज एक वॉशिंग मशीन बन गई है। भाजपा में शामिल होने वाले पंजीकृत मामलों के आरोपियों को कानून से बचने की अनुमति दी गई। ऐसे लोगों पर लगे आरोपों को पुनः प्रवर्तन कर जांच की जाएगी।
टोल टैक्स के लिए नया मैकेनिज्म बनाएगी कांग्रेस
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि कांग्रेस पुराने रेलवे बुनियादी ढांचे को आधुनिकीकरण करेगी। ऐसा करते समय कांग्रेस पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि आम लोगों और यात्रियों को भी इसका फायदा मिले। टकराव रोधी उपकरण कवच को यूपीए के कार्यकाल के दौरान विकसित किया गया था। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सभी ट्रेनों इंजनों और मार्गों पर कवच स्थापित किया जाएगा। शहरों में कांग्रेस मल्टी-मॉडल सार्वजनिक परिवहन के लिए एक व्यापक योजना शुरू करेगी। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि आज सड़क पर सफर करने वाले लोगों को टोल टैक्स के नाम पर बहुत परेशान किया जाता है। कांग्रेस पार्टी सरकार में आने पर टोल टैक्स नीति की समीक्षा करेगी। प्रत्येक हिस्से के लिए टोल टैक्स राशि और लेवी की अवधि निर्धारित करने के लिए फॉर्मूला लागू किए जाएंगे।
प्रत्यक्ष कर संहिता संहिता बनाएगी कांग्रेस
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में प्रत्यक्ष कर संहिता बनाने का वादा किया है। कांग्रेस का कहना है कि इन प्रत्यक्ष करों की पारदर्शिता, समानता, स्पष्टता और निष्पक्ष कर प्रशासन की शुरुआत करेगी। पार्टी ने भरोसा दिया है कि अपने कार्यकाल के दौरान व्यक्तिगत आयकर दरों को स्थिर बनाए रखेगी। इसमें वेतन प्राप्त करने वाले वर्ग को बढ़ती कर की दरों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्हें मध्यम से लंबी अवधि में अपने वित्त की योजना बनाने में इससे आसानी होगी।