कांग्रेस नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा और नेट्टा डीसूजा ने गोवा रेस्टोरेंट मामले में अपनी टिप्पणियों का ठीकरा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उनके परिवार पर ही फोड़ दिया है। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि गोवा रेस्टोरेंट मामले में टिप्पणियां उन्होंने ईरानी और उनके परिवार द्वारा इस रेस्टोरेंट के कथित स्वामित्व या इससे संपर्क होने के बारे में समय-समय पर की गई स्वीकारोक्ति के आधार पर की थी।
ईरानी ने हाईकोर्ट में इन नेताओं पर स्वयं और बेटी के खिलाफ झूठे और आधारहीन आरोप लगाने के आरोप में मानहानि का मामला दायर कर रखा है। इस बारे में हाईकोर्ट द्वारा जारी नोटिस के जवाब में तीनों नेताओं ने साझा लिखित बयान में दावा किया कि उन्होंने जनहित में ‘निष्पक्ष टिप्पणी’ की थी और विपक्ष की यह नैतिक और सांविधानिक जिम्मेदारी है कि वह सरकार को जवाबदेह बनाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ईरानी की याचिका कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है और मंत्री जानबूझकर कोर्ट के सामने मनगढंत तथ्य रख रही हैं। नेताओं ने कहा कि उन्होंने जो भी आरोप लगाए वह वादी(ईरानी) और उनके परिवार द्वारा रेस्टोरेंट के स्वामित्व या उससे संपर्क होने के बारे में समय-समय पर की गई स्वीकारोक्ति के आधार थे। बयान के अनुसार, ये स्वीकारोक्ति महीनों से सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध थी और वादी यदि निर्दोष थी तो उन्होंने इसे सही करने के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाया।