हाल ही में महाराष्ट्र की राजनीति में काफी कुछ देखने को मिला है। अजित पवार का शिंदे गुट में शामिल होना शरद पवार के लिए बड़ा झटका था। लेकिन शरद पवार और अजित पवार की मुलाकतों ने महाराष्ट्र में राजनीति को गर्म कर दिया, जिसको लेकर सवाल भी उठाए गए। वहीं, शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने यह कहकर हलचल मचा दी कि सितंबर तक सीएम की कुर्सी में बदलाव देखने को मिल सकता है। लेकिन भाजपा उनके इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले ने कहा वह विजय वडेट्टीवार के बयान से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे अगले साल महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि शीर्ष पद में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिंदे अगले विधानसभा चुनाव तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहेंगे। हमारे शीर्ष नेता पहले ही साफ कर चुके हैं कि शिंदे मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
कांग्रेस ने महाराष्ट्र में बदलाव का किया था दावा
पत्रकारों से बातचीत करते हुए वाडेट्टीवार ने कहा कि महाराष्ट्र में कुछ हफ्तों के भीतर राज्य सरकारी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, यहां बहुत बड़ा बदलाव होगा। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सरकार बदलेगी, लेकिन मुख्य कुर्सी (सीएम पद) पर सितंबर तक बदलाव जरूर होगा।
राकांपा शिवसेना के साथ हो सकती है, तो भाजपा के साथ क्यों नहीं: सुनील तटकरे
इस बीच, अजित पवार गुट के वरिष्ठ राकांपा नेता सुनील तटकरे ने शनिवार को भाजपा के साथ राकांपा शिंदे गुट के आने का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी वैचारिक मतभेदों के बावजूद शिवसेना के साथ गठबंधन में हो सकती है, तो वह भाजपा के साथ क्यों नहीं।
शरद पवार की ओर से स्थापित पार्टी से अलग होने के बाद अजित पवार समेत नौ राकांपा नेताओं ने भाजपा से गठबंधन किया और पिछले महीने मंत्री पद की शपथ ली। पूर्ववर्ती महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के घटक के रूप में, अविभाजित राकांपा ने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन किया था, जो बाद में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद अलग हो गई।
शिंदे गुट में शामिल हो गए थे अजित पवार
अजित पवार रांकपा से अलग हो गए थे और कुछ विधायकों के साथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद उनको महाराष्ट्र का दूसरा उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। वहीं उनके आठ सहकर्मियों ने मंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण किया था। भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फड़णवीज राज्य के दूसरे उप मुख्यमंत्री है।
पिछले साल गिर गई थी महा विकास अघाड़ी सरकार
पिछले साल जून 2022 में एकनाथ शिंदे के शिवसेना से अलग होकर भाजपा के साथ जुड़ने से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी। इसके बाद राज्य में शिवसेना और भाजपा ने सरकार बनाने में कामयाब रही। जिसकी कमान शिंदे के हाथ में दी गई, वहीं देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।