मनी लॉन्ड्रिंग के आरापों में फंसे कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की मां और पत्नी को पेशी से छूट मिली है। प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि शिवकुमार की मां और पत्नी को फिलहाल ईडी के समक्ष पेश होने की जरुरत नहीं है।
इससे पहले ईडी ने कांग्रेस नेता की मां गौरम्मा को 15 अक्तूबर और पत्नी उषा शिवकुमार को 17 अक्तूबर को पेश होने के लिए समन जारी किया था, जिसे गौरम्मा और उषा ने अदालत में अलग-अलग याचिका दायर करते हुए चुनौती दी थी। ईडी ने उनकी याचिकाओं पर हाईकोर्ट को जवाब दिया।
ईडी के वकील ने जस्टिस बृजेश सेठी से कहा कि उषा को गुरुवार को एजेंसी के समक्ष पेश होने की जरुरत नहीं है। उनके और गौरम्मा के खिलाफ फिर से नया समन जारी किया जाएगा, जिसमें कि कम से कम सात कार्यदिवस का अंतर होगा।
केंद्र सरकार के वकील कीर्तिमान सिंह ने ईडी के बयान को रिकॉर्ड में लिया। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी।
ईडी को गौरम्मा से पूछताछ करनी है तो घर आएं
गौरम्मा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दयान कृष्णन ने कहा कि ईडी के अधिकारियों ने महिला को उनके कार्यालय में बुलाया, जो कानून का उल्लंघन था। उन्होंने कहा कि सीआरपीसी के प्रावधान के अनुसार, 15 वर्ष से कम की लड़की और 65 वर्ष से अधिक उम्र की महिला को पुलिस स्टेशन नहीं बुलाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि गौरम्मा की उम्र 85 वर्ष हो चुकी है और ईडी को अगर उनसे पूछताछ करनी है, तो उन्हें घर आना होगा। वह गौरम्मा को अपने कार्यालय नहीं बुला सकते। उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता है।
मालूम हो कि कर्नाटक में सात बार विधायक रह चुके वरिष्ठ कांग्रेसी नेता को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों तीन सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। वह अभी तिहाड़ जेल में हैं।