महाराष्ट्र में सियासी संग्राम के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी महाराष्ट्र में हुआ वो विश्वासघात नहीं तो क्या है। ये सब साबित करता है कि मोदी है तो मुमकिन है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस घटना से 23 नवंबर देश के लोकतांत्रिक इतिहास में काले अध्याय के तौर पर जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा अजीत पवार को 72,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए जेल भेजने की बात कह रही थी। फिर उन्हें साथ क्यों लिया। कांग्रेस ने सीधे गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने संविधान के रक्षक के तौर पर नहीं बल्कि अमित शाह के हिटमैन के तौर पर काम किया। उन्होंने भाजपा से 10 सवाल पूछे।
- किसने दावा पेश किया?
- दावे पर कितने हस्ताक्षर हैं?
- हस्ताक्षर कब प्रमाणित हुए?
- कैबिनेट की सिफारिश राष्ट्रपति को कब की गई?
- कैबिनेट की बैठक कब हुई?
- राष्ट्रपति ने सिफारिश कब स्वीकार की?
- राज्यपाल ने शपथ के लिए देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को किस पत्र द्वारा शपथ के लिए बुलाया।
- इन्हें शपथ के लिए कितने बजे बुलाया गया। इस मौके पर प्रबुद्ध नागरिकों, सियासी दलों के नेताओं, मुख्य न्यायधीश को क्यों नहीं बुलाया गया जैसी कि परंपरा है।
- राज्यपाल ने अब तक क्यों नहीं बताया कि फडणवीस सरकार को बहुमत कब तक साबित करना है। +सवाल है कि लोकतंत्र का चीरहरण कबतक जारी रहेगा।
- राज्यपाल महोदय ने रात में कितने बजे राष्ट्रपति शासन हटाने की अनुशंसा की
शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) गठबंधन की सरकार बनाने की तैयारी में थी लेकिन इसी बीच शनिवार सुबह राजभवन में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सभी को हैरान कर दिया।
इस गठबंधन के बारे में किसी को कानों कान खबर तक नहीं थी। अब दोनों के सामने विधानसभा में बहुमत साबित करने की सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा और एनसीपी ने मिलकर सरकार तो बना ली है लेकिन नवनियुक्त सरकार को 30 नवंबर तक बहुमत साबित करना है।
वहीं, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार का कहना है कि भाजपा के साथ जाने का फैसला अजित पवार का है न कि पार्टी का।