कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर दुख जताते हुए शुक्रवार को कहा कि पासवान ने सबसे वंचित तबकों को आवाज दी और गरीबों एवं कमजोरों के अधिकारों की रक्षा की।
पासवान के पुत्र चिराग पासवान को शोक संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि देश ने एक ऐसा नेता खो दिया है जिसने बिहार एवं देश में राजनीति और जनसेवा पर स्थायी छाप छोड़ी।
गांधी ने कहा, "पांच दशकों से अधिक के अपने उत्कृष्ट सार्वजनिक जीवन में उन्होंने सबसे वंचित तबकों को आवाज दी और गरीबों एवं कमजोरों के अधिकारों की रक्षा की। सांसद और मंत्री के तौर पर उन्होंने इन तबकों के हितों एवं चिंताओं को पुरजोर आवाज प्रदान की।"
राहुल गांधी कहा, "मैं इस मुश्किल घडी में आपके और परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
बड़े दलित और समाजवादी नेता होने के साथ कुशल प्रशासक थे पासवान: मनमोहन
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर दुख प्रकट करते हुए शुक्रवार को कहा कि पासवान एक कुशल प्रशासक थे जिनके जाने से देश ने एक महान दलित एवं समाजवादी नेता खो दिया है।
पासवान के पुत्र चिराग पासवान को भेजे शोक संदेश में सिंह ने 2004-09 के दौरान संप्रग की पहली सरकार में पासवान के बतौर मंत्री काम करने एवं उनके साथ अपने जुड़ाव को याद किया।
उन्होंने कहा, "रामविलास पासवान जी विभिन्न दलों की सरकारों में बहुत महत्वपूर्ण दलित चेहरा रहे। मेरी अगुवाई वाली सरकार में उनके मंत्री रहने के दौरान उनके साथ मेरी सुखद यादे हैं। वह एक कुशल प्रशासक थे जिन्होंने रसायन एवं उर्वरक मंत्री के तौर पर मेरे साथ बहुत नजदीक से काम किया।"
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, "वह खासी लोकप्रियता रखने वाले जन नेता थे और उनका अपने क्षेत्र से रिकॉर्ड जीत हासिल करना इस बात का प्रमाण है।"
उन्होंने पासवान के परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति संवेदना प्रकट की।
रामविलास पासवान का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे।
लोजपा के संस्थापक और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पासवान कई सप्ताह से यहां के एक अस्पताल में भर्ती थे। हाल ही में उनके हृदय की सर्जरी हुई थी।