एक लेख में बलदेव कपूर के मुताबिक, नियमित तौर पर प्रधानमंत्री आवास से मुझे बुलावा आता था। कहा जाता कि बच्चे बड़े हो रहे हैं। उनमें कुछ परिवर्तन देखा जा रहा है। अब छह माह हो गए हैं। इनका दूसरा शॉट ले लिया जाए। इसके बाद बलदेव सिंह दोनों बच्चों का एक नया फोटो खींच देते थे। इंदिरा गांधी उस फोटो को अपने पर्स में रख लेती थीं। जब राजीव गांधी बड़े हुए और उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया तो उनके ऑफिशियल फोटोग्राफ की बड़ी मांग थी।
राजीव गांधी के फोटोग्राफ की सबसे ज्यादा मांग उनकी शादी के वक्त आई थी। समाचार पत्र और मीडिया आउटलेट से लगातार यह मांग आ रही थी। सब लोग जानना चाह रहे थे कि प्रधानमंत्री के बेटे ने एक इतालवी लड़की से शादी की है। एक बार राजीव गांधी ने किसी फोटोग्राफर का कैमरा छीन लिया था। बलदेव ने जब इस बाबत राजीव गांधी से पूछा तो उन्होंने कहा, वह मेरा और मेरी पत्नी का फोटो खींच रहा था। वे उच्चके वाली तस्वीर खींचते हैं, पहले उन्हें पूछना चाहिए था।
बलदेव ने कहा, क्यों न मैं आपके ऊपर एक स्टोरी लिखूं, ’राजीव गांधी के जीवन का एक दिन’ और वे मान गए। सफरदजंग रोड स्थित प्रधानमंत्री आवास पर बलदेव ने उनके फोटो लिए। शादी के बाद वे उन्हें कार में बैठाकर चांदनी चौक से लेकर लालकिले तक ले गए। उस वक्त साथ कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं था। कार में केवल हम तीन थे। मैं गाड़ी चला रहा था।
जब वे इंडिया गेट से गुजर रहे थे, तो बलदेव ने उन्हें याद दिलाया। उन्होंने राजीव गांधी से कहा, यदि वे आइसक्रीम खाने के लिए रूकना चाहें, तो उन्होंने जवाब दिया, ओके। उन्होंने आइसक्रीम ली और मैंने उनकी कई तस्वीरें ले लीं। उस वक्त सोनिया गांधी बेहद शर्मीली थीं। वे एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे।