संसद के शीतकालीन सत्र से पहले केंद्र सरकार की ओर से रविवार को एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि इस दौरान एमएसपी पर कानून की मांग के साथ राजनीतिक दलों ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और चीन के साथ सीमा पर तनाव आदि के मुद्दे उठाए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र से पहले केंद्र सरकार की ओर से आयोजित की गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने वाले सभी दलों ने कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून पर तत्काल कदम उठाए जाने की मांग की। खड़गे ने कहा कि बैठक में तीनों कृषि कानूनों को विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले सभी किसानों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक में शामिल नहीं हुए। इसे लेकर खड़गे ने कहा कि सभी दल यह उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री मोदी बैठक में हिस्सा लेंगे और हमारे साथ कुछ साझा करेंगे। नेता कृषि कानूनों पर सवाल पूछना चाहते थे क्योंकि ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ये किसी अन्य स्वरूप में लाए जा सकते हैं। वहीं, संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसे लेकर कहा कि सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री के शामिल होने की कोई परंपरा नहीं है।
सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही को निर्बाध तरीके से चलाने के लिए सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन की ओर से अनुमति प्राप्त सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। खड़गे ने कहा कि सभी राजनीतिक दल जनहित के मुद्दों पर सरकार से सहयोग करेंगे। आज हुई इस सर्वदलीय बैठक में कुल 31 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया।
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एमएसपी के लिए गठित हो संयुक्त संसदीय समिति: वाईएसआर कांग्रेस
वहीं, इस बैठक में शामिल हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता विजयसाई रेड्डी ने यहां केंद्र सरकार से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को वैधानिक समर्थन देने के लिए हितधारकों के साथ मिलकर एक संयुक्त संसदीय समिति का गठन करने की मांग की। राज्यसभा में वाईएसआर कांग्रेस के नेता रेड्डी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी पार्टी ने सर्वदलीय बैठक के दौरान समुद्री और पोल्ट्री उत्पादों को भी एमएसपी के तहत लाने की मांग उठाई।