फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जमीयत के मंच से कांग्रेस के निशाने पर संघ और मोदी

Sun, 13 Mar 2016 08:54 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • सम्मेलन में न पहुंचने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का लिखित संदेश पढ़ा गया।
  • कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने उनका संदेश पढ़ते हुए कहा कि फिरकापरस्त ताकतें मुल्क को तोड़ने में लगी हैं। इसके खिलाफ सभी लोगों को एक साथ आना होगा।
विज्ञापन
- फोटो : pti
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय एकता सम्मलेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर जमकर निशाना साधा गया।
विज्ञापन


सम्मेलन में न पहुंचने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का लिखित संदेश पढ़ा गया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने उनका संदेश पढ़ते हुए कहा कि फिरकापरस्त ताकतें मुल्क को तोड़ने में लगी हैं। इसके खिलाफ सभी लोगों को एक साथ आना होगा। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय इंडोर स्टेडियम में किया गया।

आजाद ने कहा कि सोनिया गांधी संसद के अंदर व बाहर लड़ाई लड़ रही हैं। जैसे आप सब बाहर धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम आईएसआईएस (आतंकी संगठन) जैसे संगठनों का उतना ही विरोध करते है जितना आरएसएस का। संघ को ड्रेस कोड नहीं सोच बदलने की जरूरत है।
विज्ञापन


जेएनयू मामले में कहा गया कि जमीयत अभियक्ति की स्वतंत्रता की लड़ाई में कन्हैया के साथ है। देश के हर संस्थान में असहमति का अधिकार कायम रहना चाहिए।
Trending Videos
विज्ञापन

नहीं आईं सोनिया गांधी, आजाद ने पढ़ा उनका संदेश

- फोटो : pti
जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अहमद मदनी ने कहा कि जब जेएनयू मामला शुरू हुआ तो हमने अपनी राय नहीं रखी। अपने संगठन में लोगों से कहा कि अगर हम इस मामले में उतरते हैं तो कुछ ताकतें इस पूरे मसले को हिंदू बनाम मुसलमान बना देंगे। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को हर हाल में कायम रखा जाना चाहिए। मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास के वादे से पीछे हट गई है। मुसलमानों, ईसाईयों और दलितों के लिए देश में माहौल खराब होता जा रहा है। सरकार अपनी विकास की नीतियों में अल्पसंख्यकों को कोई जगह नहीं दे रही है।

सोनिया ने किए उर्दू में दस्तखत
आजाद ने बताया कि सम्मेलन के लिए भेजे गए संदेश में सोनिया गांधी ने उर्दू में दस्तखत किए हैं। संदेश में कहा गया है कि जैसे आप सब बाहर सेक्युलरिज्म की लड़ाई लड़ रहे हैं वैसे ही सोनिया गांधी संसद के अंदर यह लड़ाई लड़ रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें